नोएडा के कई सेक्टरों में गंदे पानी की सप्लाई, महीने में ₹6000 तक का पीने का पानी खरीदने की मजबूरी
नोएडा के कई सेक्टरों में गंदे पानी, कम प्रेशर और बाधित सप्लाई से लोग परेशान हैं, जिससे उन्हें पीने का पानी बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
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स्वर्णिम विहार डुप्लेक्स में आ रहा गंदा पानी l सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- ai generated
HighLights
नोएडा में गंदे पानी की समस्या, लोग पीने को मजबूर।
निवासी रोजाना 100-200 रुपये अतिरिक्त खर्च कर रहे।
सेक्टर 82, 47, 19 में पानी की गंभीर शिकायतें।
जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा में नल तक पानी पहुंच रहा है, लेकिन पीने लायक पानी के लिए लोगों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। अलग-अलग सेक्टरों में कहीं पीला और गंदा पानी घरों में पहुंच रहा है तो कहीं कम प्रेशर और बाधित सप्लाई ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। मजबूरी में परिवार पीने का पानी बाहर से खरीद रहे हैं।
सेक्टर-82 में टीडीएस 1612, सेक्टर-47 और 19 में भी संकट
इससे रोजाना करीब 100 से 200 रुपये और महीने में तीन से छह हजार रुपये तक का अतिरिक्त खर्च पड़ रहा है। सेक्टर-82 स्थित स्वर्णिम विहार डुप्लेक्स में पानी का टीडीएस 1612 तक पहुंचने की शिकायत है। वहीं सेक्टर-47 में कई दिनों से कम प्रेशर के साथ कुछ ब्लाकों में गंदा पानी आने की बात सामने आई है। सेक्टर-19 में भी लोग पीने के लिए पानी खरीदने को मजबूर हैं।
इससे पहले नोएडा के सेक्टर 12 और 53 के बाद अब सेक्टर-82, 47 और 19 से भी पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में शहरवासी पानी की समस्या से परेशान है। निवासियों के अनुसार गंगाजल की सप्लाई या तो हो नहीं रही या फिर ट्यूबेल का पानी मिलाकर की जा रही है, कई जगह पाइप जंग वाली हैं जिसके चलते पानी गंदा आ रहा है।
पानी की समस्या वाले स्थानों पर समय-समय पर फ्लशिंग कराई जाती है। जहां भी गंदे पानी या आपूर्ति से संबंधित शिकायतें मिल रही हैं, वहां फ्लशिंग कराकर समस्या दूर की जाएगी।
आरपी सिंह, महाप्रबंधक (जल और सीवर) नोएडा प्राधिकरण
घर का पानी इस्तेमाल लायक नहीं होता तो पीने का पानी खरीदना पड़ता है। रोज 100-200 रुपये का खर्च परिवार के बजट पर भारी पड़ रहा है।
- लता वर्मा, महासचिव, स्वर्णिम विहार सेक्टर 82
सेक्टर में बार-बार गंदा पानी आने से लोग परेशान हैं। पानी रोजमर्रा की जरूरत है, इसलिए समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए।
- संजय चौहान, महासचिव, आरडब्ल्यूए सेक्टर 47
कभी पानी आता नहीं और कभी इतना गंदा आता है कि इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है।
- लक्ष्मी नारायण. महासचिव, आरडब्ल्यूए सेक्टर 19
