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    IGL बिल के नाम से भेजी APK फाइल, डाउनलोड करते ही बैंक खाता खाली; नोएडा में 4 लोगों से लाखों की ठगी

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 01:03 PM (GMT+05:30)

    नोएडा में साइबर ठगों ने चार लोगों से 34 लाख रुपये ठगे, जिसमें एक बुजुर्ग को आईजीएल बिल के नाम पर एपीके फाइल भेजकर 9 लाख रुपये का चूना लगाया। ...और पढ़ें

    नोएडा में चार लोगों से ठगी। फोटो - AI जनरेटेड

    नोएडा में चार लोगों से ठगी। फोटो - AI जनरेटेड

    HighLights

    1. आईजीएल बिल के नाम पर एपीके फाइल से ठगी।

    2. चार पीड़ितों से कुल 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी।

    3. शेयर ट्रेडिंग, डेटिंग ऐप, गलत ऑर्डर रिटर्न भी ठगी के तरीके।

    जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा में आईजीएल बिल के रूप में साइबर ठगों ने बुजुर्ग को एपीके फाइल भेजी। उसको डाउनलोड करते ही बुजुर्ग के बैंक खाते से 10 लाख रुपये ट्रांसफर हो गए, जबकि डेटिंग एप, एपीके फाइल और शेयर ट्रेडिंग के जाल में इंजीनियर और महिला समेत अन्य तीन लोग भी फंस गए। चारों से साइबर ठगाें ने 34 लाख रुपये ठग लिए।

    वहीं, रकम वापस नहीं होने और मोबाइल पर मैसेज आने पर ठगों के चंगुल में फंसे होने का एहसास हुआ। पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में मामले दर्ज कराए हैं।

    17 फरवरी को संपर्क किया

    नोएडा सेक्टर-31 के रहने वाले इंजीनियर अभिनव त्यागी को वॉट्सएप पर मैसेज कर ठगों ने 17 फरवरी को संपर्क किया। शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर मुनाफा होने का दावा किया। निवेश के नाम पर छह लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पैसों की जरूरत पड़ने पर उसने रकम कुछ निकालनी चाही तो ठग ने कर के रूप में और रकम की मांग की। रकम नहीं देने पर 7 मई को संपर्क तोड़ दिया।

    उधर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रहने वाली सुरुचि 15 दिसंबर 2025 को बम्बल डेटिंग एप से ठग से जुड़ी। ठग ने एक्सपोर्ट कारोबारी बताकर दोस्ती की। शादी करने का वादा किया। इसी बीच खुद को परेशानी में दिखाया। सुरुचि से 9 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। लगातार रकम मांगने पर शक हुआ। पीड़िता ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की।

    मैसेज आने पर ठगी का पता चला

    उधर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहने वाले शिक्षक आदेश ने 2 जुलाई को ब्लैंकेट से खाने का सामान ऑर्डर किया। गलत ऑर्डर आने पर गूगल से हेल्पलाइन नंबर निकाला तो ठगों के संपर्क में आ गए। ठग ने रिटर्न करने के नाम पर फार्म के रूप में एपीके फाइल भेज दी। उसके बाद आदेश के बैंक खाते से 10 लख रुपये निकाल लिए। मैसेज आने पर पीड़ित को ठगी का पता चला।

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    साइबर क्राइम थाने में की शिकायत

    उधर, सेक्टर-48 के रहने वाले बुजुर्ग राम प्रकाश शर्मा को 18 फरवरी को आईजीएल का बिल मिला। वह यह नहीं समझ सके कि वह एपीके फाइल है। इसको डाउनलोड करने पर ठग ने खाते से 9 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। पीड़ितो ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाने में शिकायत की।

    डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि पीड़ितों की शिकायतों पर मामले दर्ज कर जांच कराई जा रही। ठगी में संलिप्त बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अनजान के कहने पर रकम ट्रांसफर करने से बचें।

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    अखबार पढ़ते तो नहीं होते ठगी का शिकार

    पीड़ित अखबार नहीं पढ़ते थे। दैनिक जागरण समाचार जनसरोकारीय पत्रकारिता करते हुए पाठक वर्ग कर हर दिन साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक कर रहा। यहां तक साइबर लुटेरा जागरूकता अभियान भी चला चुका है। अगर पीड़ित समाचार पढ़ते तो वह ठगी का शिकार होने से बच सकते थे।