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नोएडा में 1.50 करोड़ की चोरी का खुलासा, CA फर्म के मुनाफे में हिस्सेदारी नहीं मिलने पर पार्टनर ने ही रची थी साजिश

Published: Wed, 19 Aug 2026 08:44 AM (IST)

नोएडा में एक सीए फर्म के साझेदार ने मुनाफे में हिस्सेदारी न मिलने पर मुख्य संचालक के घर से 1.50 ...और पढ़ें

HighLights

  1. सीए फर्म के साझेदार ने 1.5 करोड़ रुपये की चोरी की साजिश रची।

  2. मुनाफे में हिस्सेदारी न मिलने के कारण हुआ यह आपराधिक कृत्य।

  3. नोएडा पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.48 करोड़ बरामद किए।

जागरण संवाददाता, नोएडा। चार दोस्तों के बीच साझे में चल रही सीए फर्म के मुनाफे में हिस्सेदारी नहीं मिलने पर एक साझेदार ने मुख्य संचालक के यहां चोरी की योजना बना दी। संचालक को एक निवेशक से करीब डेढ करोड़ रुपये मिले थे। पैसे को घर में न रखकर रात में कार में ही छोड़ दिए। इसकी जानकारी साझेदार को लग गई।

उसी रात उसने अपने पांच अन्य कारीबियों के संग मिलकर संचालक के नोएडा सेक्टर 25 स्थित घर के गैराज में खड़ी कार से रखे 1.50 करोड़ रुपये चोरी कर लिए। आरोपित को लगा कि ज्यादा कैश होने के चलते सीए पुलिस से शिकायत नहीं करेंगे। सोमवार को सेक्टर 20 थाने में चोरी का मामला दर्ज करा दिया गया। पुलिस ने छह आरोपितों को सोमवार रात गिरफ्तार कर 1.48 करोड़ रुपये बरामद कर लिए।

क्या है पूरा मामला?

अलीगढ़ जवां के साथा गांव के अवनीश कुमार, नोएडा सेक्टर 25 के रहने वाले सीए आशीष, भरत व आदर्श के साथ मिलकर फर्म चलाते हैं। आशीष मुख्य संचालक हैं, जबकि अन्य साझेदार सहयोगी भूमिका में रहते हैं। एक साल से लोगों से टीपीएफ (ट्रेडिंग प्राफिट फंड) में पैसा लेकर बिल्डर प्रोजेक्ट, शेयर बाजार, क्रिप्टो करेंसी आदि में लगाने का भी काम कर रहे हैं।

एक साल पहले अवनीश ने अपने गांव के नीशू चौहान समेत कई लोगों से लिए 46 लाख रुपये आशीष को एक प्रोजेक्ट में निवेश के लिए दिए थे। आशीष मुनाफा नहीं लौटा रहा था। अवनीश एक माह से मूल रकम लौटाने का तकादा कर रहा था। आशीष टकराए जा रहा था। 11 अगस्त को नोएडा सेक्टर 47 के वासुदेव ने 1.50 करोड़ रुपये आशीष को दिए तो अवनीश को अपनी रकम पाने का अवसर नजर आया।

पुलिस के अनुसार आशीष को जब भी कहीं से नकद धनराशि मिलती थी तो उसे वह रात में कार में ही छोड़ देता था। घर पर चौकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते उसे यह डर नहीं रहता था कि कोई अंदर आकर कार से चोरी कर लेगा। इस बात की जानकारी अवनीश को भी थी।

अवनीश ने नीशू संग मिलकर साजिश रची। नीशू ने पैसे लेकर काम करने वाले अपराधिक किस्म के लोगों की तलाश की। अलीगढ़ के किसनपुर गांव के अनिल कुमार की मदद से मथुरा के मैदम गांव पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, हाथरस के बसई गांव के जितेंद्र कुमार, एटा के नगला सावित गांव के सुमित कुमार को साथ जोड़ा। पवन अपनी अलीगढ़ नंबर की ओरा मॉडल कार लेकर 11 अगस्त को आशीष के घर के पास पहुंचा। कार से 1.50 करोड़ रुपये से भरा बैग चोरी कर लिया। पवन कार से कैश लेकर अलीगढ़ चला गया।

चोरी का पता चलने पर आशीष ने अगले दिन सुबह वासुदेव को जानकारी दी। सीसीटीवी चेक किए तो एक जगह पर अवनीश नजर आया। वह समझ गए कि अवनीश ने कैश चोरी कराया है। डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि टीम ने 400 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो घर व सेक्टर में लगे पांच कैमरों से अहम जानकारी मिली। चारों सोमवार रात अलीगढ़ से चलकर करीब एक बजे रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी के पास पहुंचे। कैश का बंटवारा करते समय पकड़े गए।

इनकम टैक्स विभाग को दी सूचना

एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि कैश के बारे में इनकम टैक्स विभाग को सूचना दी है। विभागीय टीम कैश के स्त्रोत के बारे में जानकारी करेगी। घटना में शामिल जितेंद्र बुलंदशहर के अरनिया थाने का गैंग्सटर है। अन्य पर मथुरा, हाथरस और बुलंदशहर में 18 मामले दर्ज हैं। वर्तमान में पवन टैक्सी चलाता है, जबकि अनिल, जितेंद्र ठेके पर सेल्समैन, सुमित फैक्ट्री व नीशू खेतीबाड़ी करता है।

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