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    आवारा कुत्तों से लेकर नीलगाय-बंदर तक को मिलेगा आश्रय, ग्रेटर नोएडा में 3 एकड़ में बनेगा एनिमल शेल्टर

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 06:26 AM (IST)

    ग्रेनो प्राधिकरण तीन एकड़ में एक एनिमल शेल्टर बनाने जा रहा है, जहां सभी पशु-पक्षियों को आश्रय और उपचार मिलेगा। पहले डॉग शेल्टर बनाने के प्रयास असफल रह ...और पढ़ें

    ग्रेनो प्राधिकरण तीन एकड़ में एक एनिमल शेल्टर बनाने जा रहा है, जहां सभी पशु-पक्षियों को आश्रय और उपचार मिलेगा। इमेज एआई

    ग्रेनो प्राधिकरण तीन एकड़ में एक एनिमल शेल्टर बनाने जा रहा है, जहां सभी पशु-पक्षियों को आश्रय और उपचार मिलेगा। इमेज एआई

    HighLights

    1. ग्रेनो प्राधिकरण तीन एकड़ में एनिमल शेल्टर बनाएगा।

    2. सभी पशु-पक्षियों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय और उपचार।

    3. मेनका गांधी के सुझाव पर योजना में बदलाव किया गया।

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा में आवारा कुत्तों को सार्वजनिक जगहों से हटाकर उन्हें सुरक्षित आश्रय देने के लिए ग्रेनो प्राधिकरण ने डॉग शेल्टर बनाने की योजना शुरू की थी। इसे बनाने के लिए एजेंसी तलाशने के तीन असफल प्रयासों के बाद अब प्राधिकरण ने योजना बदलकर एनिमल शेल्टर बनाने पर कदम आगे बढ़ाया है। इसमें गांवों के अलावा सभी जानवरों और पक्षियों के इलाज व आश्रय की समुचित व्यवस्था होगी।

    इस संबंध में 24 अगस्त तक प्राधिकरण ने एजेंसियों से बिड मांगी गई हैं। शेल्टर के निर्माण, खर्च और संचालन की पूरी जिम्मेदारी चुनी जाने वाली एजेंसी की होगी। शेल्टर के लिए पौवारी गोशाला के पास करीब तीन एकड़ जमीन आरक्षित है। इसमें नील गाय, कुत्ता, हिरण, बिल्ली, बंदर और चिड़ियों का भी इलाज और रख-रखाव हो सकेगा।

    दरअसल, पिछले माह डाग शेल्टर और एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हुई थी। पहले केवल एक एजेंसी ने बिड की, जबकि उससे पहले दो एजेंसियां आई थीं, लेकिन उनका अनुभव कम था। इस कारण टेंडर रद्द कर दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन फिर भी सफलता नहीं मिली।

    जीएम स्वास्थ्य आरके भारती ने कहा कि अब विकल्प के तौर पर एनिमल शेल्टर पर काम शुरू किया गया है, ताकि सभी जानवरों को एक जगह सुविधा मिल सके। इसी बीच पूर्व सांसद मेनका गांधी ने सीईओ एनजी रवि कुमार से मुलाकात कर डाग शेल्टर की जगह एनिमल शेल्टर बनाने का सुझाव दिया था।

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    सूत्रों के मुताबिक पीपुल फार एनिमल्स इस शेल्टर के संचालन में सहयोग कर सकती है। वहीं सोसायटियों के बाहर डाग फीडिंग प्वाइंट बनाने के लिए भी अब तक कोई एजेंसी नहीं मिली है। सिविल कार्य के बाद भी ठेकेदार इसके लिए तैयार नहीं हैं, जिससे यह योजना भी अटकी हुई है।

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