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    यमुना और हरनंदी में बढ़ रहा पानी, क्या डूब क्षेत्र के घरों तक पहुंचेगा बाढ़ का पानी?

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 07:07 AM (IST)

    ग्रेटर नोएडा में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना और हरनंदी नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। हालांकि अभी दोनों नदियां खतरे के निश ...और पढ़ें

    ग्रेटर नोएडा में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना और हरनंदी नदियों का जल स्तर बढ़ गया है।

    ग्रेटर नोएडा में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना और हरनंदी नदियों का जल स्तर बढ़ गया है।

    HighLights

    1. यमुना और हरनंदी नदियों का जल स्तर बढ़ा।

    2. नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।

    3. डूब क्षेत्र के निवासियों को सतर्क किया जा रहा है।

    जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। लगातार हो रही वर्षा और पानी छोड़े जाने के कारण हरनंदी व यमुना नदी का जल स्तर मेंं वृद्धि हो रही है। हालांकि दोनों का जल स्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन प्रशासन नदियों के बढ़ते जल स्तर पर लगातार निगाह रख रहा है। नदी के आस पास व डूब क्षेत्र बसे लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

    वर्षा के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। जगह-जगह जल भराव के कारण लोगों को आवाजाही में मुसीबत हो रही है। वहीं यमुना व हरनंदी के आस पास रहने वालों में बाढ़ की आशंका सताने रही है। हालांकि हरनंदी और यमुना के जल स्तर में वृद्धि हुई है। लेकिन खतरे के निशान से अभी दोनों ही नदियां नीचे बह रही हैं।

    हरनंदी की अभी जल स्तर 199.70 मीटर है, जो 205.08 मीटर के निशान से कम है। वहीं यमुना का जल स्तर 200.60 मीटर के सापेक्ष अभी 196.90 मीटर पर है। गाजियाबाद बैराज से हरनंदी में 4400 क्यूसिक से अधिक व यमुना में ओखला बैराज से 29 हजार क्यूसिक से अधिक पानी छोड़ा गया है।

    नदियोंं का जल स्तर में वृद्धि से डूब क्षेत्र में रहने वालों के लिए खतरा बढ़ सकता है। उनके घरों तक पानी पहुंचने की आशंका लोगों को डरा रही है। वहीं प्रशासन भी स्थिति पर लगातार निगाह बनाए हुए है। एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता का कहना है कि नदियाें का जल स्तर अभी अधिक नहीं बढ़ा है। लगातार निगाह रखी जा रही है। नदी के आस पास रहने वालों को भी सतर्क किया जा रहा है।

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