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    प्रसूता की मौत के बाद फलक अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, अंतिम नोटिस के बाद क्या रद होगा लाइसेंस?

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 01:45 AM (IST)

    ग्रेटर नोएडा के फलक लाइफ लाइन अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी में है, दो नोटिसों का जवाब न देने पर पंजीकरण रद्द हो सकता है। ...और पढ़ें

    ग्रेटर नोएडा के फलक लाइफ लाइन अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी में है

    ग्रेटर नोएडा के फलक लाइफ लाइन अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी में है

    HighLights

    1. अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग का अंतिम नोटिस जारी होगा।

    2. दो नोटिसों का जवाब न देने पर पंजीकरण रद्द होगा।

    3. प्रसूता की मौत के बाद मिली थीं गंभीर खामियां।

    आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। बिलासपुर कस्बे स्थित फलक लाइफ लाइन अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। अभी तक जारी दो नोटिस का अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।

    अंतिम नोटिस का भी जवाब न देने पर विभाग की ओर से पंजीकरण रद करने की सिफारिश के साथ एफआइआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। उधर अस्पताल सील करने की स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के विरुद्ध अस्पताल प्रबंधन हाई कोर्ट जा सकता है।

    फलक लाइफ लाइन अस्पताल में 17 जुलाई को प्रसूता की मौत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने निरीक्षण में खामियां मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया था।

    स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में मिली खामियों पर जवाब देने और सर्जरी करने वाली टीम को पेश किए जाने के लिए प्रबंधन को दो बार नोटिस जारी कर चुका है। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई पेश नहीं हुआ है, सूत्रों के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन अपने बचाव के लिए हाईकोर्ट जा सकता है।

    नियमों के खिलाफ संचालित हो रहा अस्पताल 

    सूत्रों ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से किसी भी सर्जरी में विशेषज्ञ डाक्टरों को नहीं बुलाया जाता था। जबकि अस्पताल की ओर से पंजीकरण कराने के समय विशेषज्ञ डाक्टरों की डिग्री लगाई गई थी।

    एक अगस्त को निरीक्षण के दौरान टीम को अस्पताल में मौके पर कोई भी डॉक्टर नहीं मिला था। अस्पताल के बेसमेंट में ओटी, ओपीडी, आइसीयू, एनआइसीयू और लैब संचालित हो रही थी। अस्पताल के पास फायर ब्रिगेड विभाग से एनओसी भी नहीं थी। आपातकालीन द्वार भी नहीं मिला था।

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    अस्पताल प्रबंधन ने दो बार जारी किए गए नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया है। अंतिम नोटिस जल्द जारी किया जाएगा। इसका जवाब नहीं मिलने पर अस्पताल का पंजीकरण रद करने की सिफारिश की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।

    -डॉ.मदन मोहन मणि त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी गौतमबुद्ध नगर

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