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    'मम्मी-पापा की लड़ाई बंद करा दो प्लीज', कांवड़ यात्रा में 7 साल के मासूम ने भोले बाबा से मांगी मन्नत

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 09:11 PM (IST)

    कांवड़ यात्रा में बच्चों की मासूम मन्नतें सभी को भावुक कर रही हैं, जहां वे धन या खिलौने नहीं बल्कि परिवार की खुशहाली और एकता की प्रार्थना कर रहे हैं। ...और पढ़ें

    कावंड़ यात्रा में पहुंच रहे हैं नन्हे भोले। फोटो: जागरण

    कावंड़ यात्रा में पहुंच रहे हैं नन्हे भोले। फोटो: जागरण

    HighLights

    1. निशांत ने माता-पिता के बीच शांति और खुशी की कामना की

    2. कुशल ने अपने गांव के स्वास्थ्य और स्वच्छ पानी की प्रार्थना की

    3. गणेश और खुशी ने पिता की आर्थिक समृद्धि और देश सेवा का सपना देखा

    स्वाति भाटिया, नोएडा। भोले बाबा, मम्मी-पापा आपस में कभी न लड़ें, दोनों हमेशा खुश रहें, सात साल के निशांत की यह मासूम मन्नत शायद कांवड़ यात्रा में सबसे अलग है।

    गुरुग्राम से माता-पिता के साथ कांवड़ लेने आए निशांत के लिए भोले बाबा से न तो धन मांगा न ही कोई खिलौना। उसकी बस इतनी इच्छा है कि घर में मम्मी-पापा के बीच कभी झगड़ा न हो।

    nishant

    इसी उम्मीद के साथ वह बाबा के दरबार में पहुंचा है। जिसकी बातों को सुनकर हर कोई भावुक हो रहा है। वहीं कुछ ऐसे मासूम भी इस यात्रा में आए हैं कि जो अपने माता- पिता को हमेशा साथ देखना चाहते हैं तो किसी को अपने माता-पिता को हमेशा साथ देखना है।

    कांवड़ यात्रा में इन बच्चों की मन्नतें भले ही छोटी हैं, लेकिन उनकी भावनाएं बहुत बड़ी हैं। किसी को घर में प्यार और सुकून चाहिए तो किसी को पूरे गांव की चिंता है। कोई पिता की खुशहाली मांग रहा है तो कोई भविष्य में देश की सेवा करने का सपना संजोए है।

    हमेशा साथ रहे मम्मी पापा

    गुरुग्राम की छह वर्षीय हर्षिता भी अपने परिवार को हमेशा साथ देखना चाहती है। वह अपने पापा, मम्मी, चाचा और चाची के साथ कांवड़ यात्रा में आई है।

    harshita

    हर्षिता का कहना है कि वह भोले बाबा से हमेशा यही कहती है कि उसके चाचा को चाची के पास और पापा को मम्मी के पास रखना। परिवार का कोई भी सदस्य एक-दूसरे से दूर न जाए। उसकी मासूम प्रार्थना में परिवार के साथ और खुश रहने की चाह साफ झलकती है।

    कुशल को अपने गांव की चिंता

    गुरुग्राम के किशनपुरा गांव से आए पांच वर्षीय कुशल की मन्नत सिर्फ अपने परिवार तक सीमित नहीं है। उसे अपने गांव के लोगों की चिंता है। कुशल का कहना है कि गांव में बहुत लोग बीमार हो रहे हैं और पानी भी गंदा आता है।

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    kushal

    वह भोले बाबा से प्रार्थना करता है कि गांव के सभी लोग स्वस्थ रहें और सभी को साफ पानी मिले। कुशल की आंखों में कांवड़ को लेकर भी अलग उत्साह है। उसका कहना है कि वह बड़ा होकर अपने पापा की तरह भोले बाबा को अपने कंधे पर बैठाएगा और कांवड़ लेकर आएगा।

    पापा को देना खूब पैसे बाबा

    नोएडा के बरौला गांव से आए गणेश और खुशी की मन्नत भी अपने परिवार की खुशहाली से जुड़ी है। दोनों चाहते हैं कि उनके पापा के पास खूब पैसे आएं, जिससे वह उनके लिए अच्छी-अच्छी चीजें लेकर आएं।

    kanwar noida

    बच्चों के लिए परिवार की खुशी और पिता की आर्थिक मजबूती ही उनकी सबसे बड़ी इच्छा है। गणेश की मन्नतों में एक सपना देश के लिए भी है। वह बड़ा होकर सेना में भर्ती होना चाहता है।

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