Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    नोएडा में आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका, पैनल से बाहर जिले के 4 अस्पताल; मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 11:08 PM (IST)

    गौतमबुद्ध नगर के चार अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के नियमों का उल्लंघन करने पर पैनल से हटा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने यह कार्रवाई की है, जबकि ...और पढ़ें

    जिले के चार अस्पताल आयुष्मान पैनल से बाहर। फोटो: एआई जनरेटेड

    जिले के चार अस्पताल आयुष्मान पैनल से बाहर। फोटो: एआई जनरेटेड

    HighLights

    1. गौतमबुद्ध नगर के चार अस्पताल आयुष्मान भारत पैनल से बाहर

    2. योजना के नियमों और एसओपी उल्लंघन पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

    3. अगस्त की बोर्ड बैठक में अस्पतालों को पुनः शामिल करने पर निर्णय

    जागरण संवाददाता, नोएडा। आयुष्मान भारत योजना के नियमों और गाइडलाइंस का पालन नहीं करने पर गौतमबुद्ध नगर के चार अस्पतालों को योजना के पैनल से हटा दिया गया है।

    स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अस्पतालों के प्रबंधन को योजना की एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई देशभर में नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर की जा रही सख्ती के क्रम में हुई है।

    जिले में 94 अस्पताल थे आयुष्मान योजना के पैनल में

    गौतमबुद्ध नगर स्वास्थ्य विभाग में आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डाॅ. पवन कुमार ने बताया कि वर्ष 2026 तक जनपद में कुल 94 अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल थे। इनमें 73 निजी और 21 सरकारी अस्पताल थे।

    जांच के दौरान चार अस्पतालों में केंद्र सरकार की योजना के निर्धारित नियमों का पालन नहीं पाया गया। इसके बाद इन्हें पैनल से हटा दिया गया। हालांकि अस्पतालों को निर्धारित नियमों और एसओपी का अनुपालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

    देशभर में दो हजार से ज्यादा अस्पताल पैनल से हटाए गए

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लोकसभा में जानकारी दी थी कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 31 मई तक 2,000 से अधिक अस्पतालों को पैनल से हटाया गया है। इसी तरह 1,200 अन्य अस्पतालों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पैनल से निलंबित कर दिया है।

    खबरें और भी

    इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त यानी कैशलेस इलाज मिलता है। योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए अस्पतालों को निर्धारित नियमों का पालन करना होता है।

    सरकारी और निजी अस्पतालों की ओर से नियमों के पालन में लापरवाही सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सख्त कदम उठाए हैं।

    अगस्त के अंतिम दिनों में होने वाली बोर्ड बैठक में इन चारों अस्पतालों को फिर से आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल करने पर निर्णय लिया जा सकता है।

    - डाॅ. पवन कुमार, नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना

    यह भी पढ़ें- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का दबाव घटाएगा यमुना तटबंध, एक सप्ताह में चलने लायक होगा रास्ता