UP Panchayat Election 2026: क्या 2 महीने बाद गांवों में बैठेंगे प्रशासक? मुरादाबाद की 643 पंचायतों में मची हलचल!
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मुरादाबाद की 643 ग्राम पंचायतों में वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त ...और पढ़ें

पंचायत चुनाव
HighLights
गांवों में चुनावी बिसात बिछी, लेकिन तारीख अभी भी गुम
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर भले ही समय से चुनाव कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन स्थिति देखकर ऐसा नहीं लग रहा है कि चुनाव समय से हो सकेंगे। ऐसे में चुनाव की तैयारियों में लगे संभावित प्रत्याशियों के चेहरों पर मायूसी है। कारण साफ है कि वोटरों ने उनकी जेब ढीली करा दी है।
मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने में अब सिर्फ दो महीने का समय बचा है, लेकिन अभी तक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है। ऐसे में प्रशासन पंचायतों के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी में जुट गया है। संभावना जताई जा रही है कि यदि समय रहते चुनाव नहीं कराए गए तो पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं।
जिले में कुल 643 ग्राम पंचायतें
जिले में कुल 643 ग्राम पंचायतें हैं, जहां इस वर्ष पंचायत चुनाव होना है। वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल मई 2026 के पहले सप्ताह में समाप्त हो जाएगा। पंचायत स्तर पर अधिकांश सरकारी योजनाएं, विकास कार्य और वित्तीय निर्णय ग्राम प्रधानों के माध्यम से ही संचालित होते हैं। ऐसे में यदि चुनाव समय पर नहीं होते हैं तो पंचायतों के नियमित कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस स्थिति को देखते हुए पंचायतों के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार शुरू कर दिया है। यदि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने में देरी होती है तो पंचायतों के कामकाज को जारी रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है। इससे पंचायतों में विकास कार्य और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर नहीं पड़ेगा।
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गांवों में बनने लगा चुनाव का माहौल
दूसरी ओर गांवों में पंचायत चुनाव को लेकर माहौल बनना शुरू हो गया है। संभावित प्रत्याशी गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क बढ़ा रहे हैं और अपने समर्थन का आकलन करने में जुटे हैं। कई स्थानों पर छोटी-छोटी बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। हालांकि चुनाव कार्यक्रम घोषित न होने से संभावित उम्मीदवार भी पूरी तरह खुलकर मैदान में नहीं उतर पा रहे हैं।
इस बार पंचायत चुनाव में युवाओं की सक्रियता भी ज्यादा देखने को मिल रही है। कई गांवों में युवा पहली बार पंचायत राजनीति में अपनी भागीदारी की तैयारी कर रहे हैं। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भी चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं। गांवों में विकास, सड़क, पानी और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर बहस शुरू हो गई है।
गांवों के विकास के लिए महत्वपूर्ण
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत चुनाव गांव के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में चुनाव की तिथि जल्द घोषित होनी चाहिए, ताकि नई पंचायतें समय पर गठन होकर विकास कार्यों को गति दे सकें। फिलहाल मुरादाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव की घोषणा को लेकर उत्सुकता और इंतजार दोनों का माहौल बना हुआ है।