ट्रक ड्राइवर के बेटे से लेकर सेल्फ-स्टडी वाली बिटिया तक: इन होनहारों ने यूपीपीसीएस में गाड़ा झंडा
मुरादाबाद और आसपास के होनहारों ने यूपीपीसीएस 2024 में शानदार सफलता हासिल की है। कटघर की दीक्षा अग्रवाल ने 15वीं रैंक पाकर एसडीएम पद प्राप्त किया। ट्रक ...और पढ़ें

यूपीपीसीएस में चयन के बाद परिवार के साथ दीक्षा अग्रवाल। सौ. स्वजन
HighLights
होनहारों का संघर्ष चमका, घरों में छाई खुशियां और बधाइयों का लगा तांता
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। यूपीपीसीएस 2024 के परिणाम में मुरादाबाद के होनहारों ने शानदार सफलता हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। कटघर की दीक्षा अग्रवाल ने प्रदेश में 15वीं रैंक हासिल कर एसडीएम पद पाया है। मुरादाबाद में तैनात इंकम टैक्स इंस्पेक्टर अविनाश कुमार भी एसडीएम बने हैं।
दीनदयाल नगर निवासी निकुंज गुप्ता का चयन सब-रजिस्ट्रार, बुद्धि विहार के अक्षत मिश्रा असिस्टेंट कमिश्नर (जीएसटी), हनुमान नगर की सिमरन मथानिया नायाब तहसीलदार, रामपुर के रोहित कुमार बीडीओ और कांठ क्षेत्र के राजन सिंह वाणिज्य कर अधिकारी पद पर चयनित हुए हैं।
इनके चयन से सभी के घर में खुशियों का माहौल रहा। खास बात यह है कि यह सभी यूपीपीसीएस 2025 की मेंस परीक्षा देने लखनऊ गए थे और रविवार की रात को यूपीपीसीएस 2024 का परिणाम आ गया। इसके बाद भी कई ने अपनी 2025 की मेंस परीक्षा नहीं छोड़ी।
इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ तैयारी में जुटीं और दीक्षा बन गईं एसडीएम
कटघर में पुलिस चौकी के पास रहने वाली दीक्षा अग्रवाल ने यूपीपीसीएस 2024 में प्रदेश स्तर पर 15वीं रैंक हासिल कर एसडीएम पद पर चयनित होकर शहर का नाम रोशन किया है। खास बात यह रही कि उन्होंने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की। दीक्षा मेंस परीक्षा देने लखनऊ गई थीं, जहां रविवार रात उन्होंने अपना परिणाम देखा और खुशी से झूम उठीं।
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दीक्षा ने नोएडा से बीटेक करने के बाद एक वर्ष नौकरी की, लेकिन समाज सेवा की भावना ने उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की ओर प्रेरित किया। उन्होंने नौकरी छोड़ पूरी तरह यूपीपीसीएस की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया, बल्कि प्रतिदिन सात से आठ घंटे सेल्फ स्टडी कर तैयारी की।

उन्होंने बताया कि उन्होंने छोटे-छोटे लक्ष्य तय किए और उन्हें पूरा करने पर फोकस रखा। पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाई की और अनावश्यक चीजों से दूरी बनाई। परिवार के लोग जब किसी समारोह में जाते थे तो वह शामिल नहीं होती थीं और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहती थीं।
दीक्षा की मां बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक हैं, जो नियमित रूप से उनका टेस्ट लिया करती थीं। यदि नंबर कम आते तो हिम्मत बढ़ाती थीं। उनकी मां का यह सहयोग दीक्षा के लिए बड़ी ताकत बना। पिता अवनीश अग्रवाल का डिस्पोजल का व्यवसाय है।
दीक्षा ने बताया कि उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी सहारा लिया, लेकिन पूरी तरह उस पर निर्भर नहीं रहीं और अपनी समझ व मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी। चयन के बाद जब वह लखनऊ से घर लौटीं तो परिवार और मुहल्ले में खुशी का माहौल छा गया।
संघर्ष से रचा इतिहास, ट्रक ड्राइवर के बेटे अविनाश बने एसडीएम
फतेहपुर जिले की खागा तहसील के पलिया गांव निवासी अविनाश कुमार ने यूपीपीसीएस 2024 में एसडीएम पद पर चयन पाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह वर्तमान में मुरादाबाद में इन्कम टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। अविनाश 2025 की परीक्षा देने लखनऊ गए थे।
जैसे ही उन्हें एसडीएम पद पर चयन की जानकारी मिली, उन्होंने परीक्षा छोड़कर मुरादाबाद लौटने का निर्णय लिया। अविनाश का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता स्वर्गीय राम नरेश ट्रक ड्राइवर थे और आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। बावजूद इसके उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।

इन्कम टैक्स इंस्पेक्टर बनने के बाद उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी अविनाश के कंधों पर आ गई। उन्होंने नौकरी के साथ-साथ यूपीपीसीएस की तैयारी जारी रखी और आखिरकार सफलता हासिल की। उनके दो छोटे भाई अभिषेक और अखिलेश भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
उनकी पत्नी श्वेता सिंह मुरादाबाद में यूनियन बैंक में प्रबंधक हैं। अविनाश ने बताया कि मां आशी देवी का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहा। चयन की सूचना जैसे ही गांव पहुंची, वहां जश्न का माहौल बन गया। उन्होंने बताया कि जल्द ही वह इन्कम टैक्स इंस्पेक्टर पद से इस्तीफा देंगे।
पहले प्रयास में नायाब तहसीलदार बनीं सिमरन मथानिया
हनुमान नगर निवासी सिमरन मथानिया ने यूपीपीसीएस 2024 में सफलता हासिल कर नायाब तहसीलदार पद पर चयनित हुई हैं। यह उनका पहला प्रयास था। सिमरन ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी करने के बाद यूपीपीसीएस की तैयारी शुरू की। उनका लक्ष्य शुरू से ही प्रशासनिक सेवा में जाकर जनता की सेवा करना था।

उनके पिता अशोक अग्रवाल मुरादाबाद में लोको पायलट के पद पर तैनात हैं। सिमरन ने हिंदू कॉलेज से बीएड भी किया है। चयन के बाद परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी उन्हें बधाई देने घर पहुंच रहे हैं। सिमरन का कहना है कि वह आगे यूपीएससी की तैयारी भी जारी रखेंगी।
पहले ही प्रयास में सेल्फ स्टडी से अक्षत बने असिस्टेंट कमिश्नर
शहर के बुद्धि विहार फेज द्वितीय निवासी अक्षत मिश्रा ने यूपीपीसीएस 2024 परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर कमर्शियल बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि अपने पहले ही प्रयास में हासिल की। इससे पहले अक्षत दो बार यूपीएससी मेंस परीक्षा तक पहुंच चुके हैं, जिससे उनकी मजबूत तैयारी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अक्षत ने अपनी सफलता का श्रेय पूरी तरह सेल्फ स्टडी को दिया है। उन्होंने घर पर रहकर ही पढ़ाई की, खुद के नोट्स तैयार किए और ऑनलाइन क्लासेस की मदद ली, लेकिन किसी भी कोचिंग या ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। वह रोजाना 6 से 8 घंटे तक नियमित अध्ययन करते थे।

शैक्षिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने दिल्ली रोड स्थित स्प्रिंग फील्ड कालेज से 12वीं विज्ञान वर्ग में 93 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने स्ट्रीम बदलकर आर्यभट्ट कालेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से पालिटिकल साइंस आनर्स में स्नातक (79 प्रतिशत) किया।
वहीं, हिंदू कालेज से पालिटिकल साइंस में परास्नातक (67 प्रतिशत) प्रथम श्रेणी में पूरा किया। अक्षत के पिता रमेश चंद्र मिश्रा बेसिक शिक्षक हैं, जबकि माता मीरा मिश्रा गृहिणी हैं। उनकी बहन शगुन मिश्रा भी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका हैं। क्रिकेट खेलना, संगीत सुनना और पर्यटन उनका शौक है। उनका अगला लक्ष्य आईएएस में चयनित होना है।