मुरादाबाद में रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा; प्रशासन अलर्ट
मुरादाबाद में रामगंगा नदी का जलस्तर 190 मीटर के पार पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से मात्र 59 ...और पढ़ें

फाइल फोटो।
HighLights
रामगंगा का जलस्तर 190 मीटर के पार पहुंचा।
खतरे के निशान से मात्र 59 सेंटीमीटर नीचे।
प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को किया अलर्ट।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। रामगंगा का पानी अब 190 मीटर का स्तर पार कर गया है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का डर और गहरा गया है। सोमवार रात आठ बजे कटघर रेलवे पुल पर नदी का जलस्तर 189.930 मीटर था, जो मंगलवार सुबह दस बजे बढ़कर 190.010 मीटर पहुंच गया। हालांकि सुबह जलस्तर स्थिर दर्ज किया गया, लेकिन खतरे का निशान 190.60 मीटर होने के कारण नदी अब उससे महज 59 सेंटीमीटर नीचे रह गई है।
पानी बढ़ने से ठाकुरद्वारा के सुल्तानपुर खादर, लालापुर पीपलसाना और रायभूड़ समेत रामगंगा किनारे के गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है। खेतों में खड़ी धान की फसल पहले ही पानी की चपेट में है। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर में दोबारा तेजी आई तो खेतों के बाद पानी आबादी की ओर बढ़ सकता है।
189.93 से बढ़कर 190.01 मीटर पहुंचा पानी
रायभूड़ में मुख्य सड़क पर पानी पहुंचने से आवागमन भी प्रभावित है। मूंढापांडे क्षेत्र में रनियाठेर, अहरौला जगरमपुरा, रजेड़ा नदी पुल, भीतखेड़ा, हिरनखेड़ा और जैतपुर बिसाहट में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। एसडीएम अभिषेक सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से हालात की जानकारी ली। पीएसी की दो नावें और मेडिकल टीम भी तैयार रखी गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
बढ़ते जलस्तर के बीच ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ीं
कांठ के सलेमपुर, राजीपुर खादर, रामसराय, पाइंदापुर और फजलाबाद के जंगलों में पानी फैलने के बाद कई रास्ते प्रभावित हैं। सलेमपुर में रामगंगा का पानी कृषि भूमि से होते हुए मकानों की चौखट तक पहुंच गया है। पानी और बढ़ने पर घरों में घुसने की आशंका से ग्रामीण परेशान हैं।
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प्रशासन ने बाढ़ चौकी प्रभारियों को किया अलर्ट
प्रशासन ने बाढ़ चौकी प्रभारियों को अलर्ट रहने और लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। सीडब्ल्यूसी का अलर्ट अभी भी चिंता बढ़ा रहा। केंद्रीय जल आयोग ने रामगंगा में सामान्य से अधिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सोमवार रात आठ बजे से मंगलवार सुबह नौ बजे तक निम्न तीव्रता का बाढ़ अलर्ट जारी किया था।
अब जलस्तर 190.010 मीटर पहुंचने के बाद नदी खतरे के निशान के और करीब आ गई है। प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील कर रहा है।
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