मुरादाबाद: खत्म होने वाला है पंडित नगला फाटक का 'सिरदर्द', भारी क्रेनों ने शुरू किया ऐसा काम कि देखकर रह जाएंगे दंग!
मुरादाबाद के पंडित नगला रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में है। 1.02 अरब रुपये की लागत से बन रहे इस पुल पर अब गार्डर लॉन्चिंग का काम शुरू हो गया ह ...और पढ़ें

पंडित नगला बाईपास पुल पर गार्डर रखती क्रेन।जागरण
HighLights
भारी क्रेन से रखे जा रहे गार्डर, मार्ग अस्थायी बंद
अंतिम चरण में है पंडित नगला आरओबी निर्माण
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। शहरवासियों को लंबे समय से जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए बन रहे पंडित नगला बाइपास रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। रेलवे ने अपने हिस्से के पुल पर गार्डर रखने का काम शुरू करा दिया है, जिससे परियोजना के जल्द पूरा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
करीब 1.02 अरब रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस आरओबी की कुल लंबाई लगभग 354 मीटर है। यह ओवरब्रिज हनुमान मूर्ति से कोहिनूर तिराहे तक यातायात को सीधे जोड़ते हुए पंडित नगला रेलवे फाटक पर लगने वाले रोजाना के जाम से राहत दिलाएगा। सुरक्षा कारणों से गार्डर रखे जाने के दौरान मार्ग को समय-समय पर बंद भी किया जा रहा है, ताकि भारी क्रेन और मशीनों के जरिए कार्य सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार गार्डर लान्चिंग का कार्य तकनीकी रूप से सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम की ओर से पुल के अधिकांश पिलर पहले ही तैयार कर लिए गए हैं। अब रेलवे अपने हिस्से में गार्डर स्थापित कर रहा है। इसके बाद सुपर स्ट्रक्चर, स्लैब निर्माण, रेलिंग और स्ट्रीट लाइटिंग जैसे कार्य किए जाएंगे।
निर्माण कार्य की शुरुआत में हाईटेंशन बिजली लाइनों को हटाने और मार्ग में आने वाले पेड़ों की कटाई के कारण परियोजना की गति प्रभावित रही। आवश्यक अनुमति मिलने के बाद काम ने रफ्तार पकड़ी, लेकिन शुरुआती देरी के चलते तय समय सीमा पर सवाल खड़े हो गए हैं। शासन ने अगस्त 2024 में इस परियोजना का निर्माण शुरू कर मार्च 2026 तक पुल तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
वर्तमान प्रगति को देखते हुए अधिकारियों का कहना है कि कार्य तेजी से कराया जा रहा है, लेकिन सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने में अभी कुछ समय लग सकता है। पंडित नगला रेलवे फाटक शहर का सबसे व्यस्त क्रासिंग प्वाइंट है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। फाटक बंद होने पर लंबा जाम लगने से स्कूल बसों, एंबुलेंस और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक रजनीश यादव ने बताया कि रेलवे ने अपने हिस्से में गार्डर रखने का कार्य शुरू कर दिया है। प्रयास किया जा रहा है कि शेष कार्य तेजी से पूरा कर जल्द ही आरओबी को आम जनता के लिए खोल दिया जाए। ठेकेदार को तेजी से काम निपटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

