महंगे प्लॉट से मिलेगी राहत! मुरादाबाद की नई सह्याद्रि और शिवालिक योजना में आम आदमी का अपने घर का सपना होगा सच
मुरादाबाद में सह्याद्रि और शिवालिक टाउनशिप शहर के भविष्य को आकार देंगी। गोविंदपुरम के बाद, ये योजनाएं आम आदमी के लिए सस्ते प्लॉट और आवास की उम्मीद जगा ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
सह्याद्रि और शिवालिक, मुरादाबाद का अगला आवासीय भविष्य
महंगी कालोनियां, सस्ता सपना आम आदमी के लिए बना चिंता
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। गोविंदपुरम टाउनशिप के शुभारंभ के साथ शहरी विकास को नई गति मिली है, लेकिन इसके साथ दो और बड़ी परियोजनाएं सह्याद्रि और मेगा शिवालिक टाउनशिप भी शहर का भविष्य तय करने जा रही हैं। फिलहाल ये दोनों योजनाएं तैयारी में हैं लेकिन, महंगी कालोनियों ने कमजोर वर्ग के लोगों का सस्ते घर का सपना तोड़ा है हालांकि इसी साल आने वाली दोनों कालोनियों में गोविंदपुरम टाउनशिप से सस्ते प्लाट व आवास मिलने की आस है।
सोनकपुर क्षेत्र में विकसित की जा रही सह्याद्रि टाउनशिप को जल्द ही रेरा में पंजीकरण के लिए भेजे जाने की तैयारी है। 52 हेक्टेयर में बसने वाली इस योजना की बाधाओं को लैंड पूलिंग से दूर करने का दावा किया जा रहा है। जल्द ही इसे रेरा में पंजीकरण के लिए भेजे जाने का दावा है। एमडीए के अधिकारियों के अनुसार मार्च 2026 तक इसे स्वीकृति मिलने की संभावना है।
मुरादाबाद MDA नई टाउनशिप योजनाएं: एक नजर में
| मुख्य विशेषता | सह्याद्रि टाउनशिप (Sahyadri) | मेगा शिवालिक टाउनशिप (Shivalik) | गोविंदपुरम (Govindpuram) |
| कुल क्षेत्रफल | 52 हेक्टेयर | 1250 हेक्टेयर (विशालकाय) | शुभारंभ हो चुका है |
| पहला फेज | ~900 भूखंड (Plots) | 100 हेक्टेयर पर काम शुरू | ग्रुप हाउसिंग और प्लॉट |
| प्रमुख लोकेशन | सोनकपुर क्षेत्र | दिल्ली रोड (11 गांव) | मुख्य शहर से कनेक्टिविटी |
| अनुमानित मंजूरी | मार्च 2026 (RERA पंजीकरण) | जमीन खरीद की प्रक्रिया जारी | आवंटित प्रक्रिया शुरू |
| कीमत का स्तर | मध्यम (गोविंदपुरम से सस्ता) | सबसे सस्ता (सस्ती जमीन के कारण) | प्रीमियम (₹40,000/sqm से अधिक) |
| खास सुविधाएं | लैंड पूलिंग आधारित विकास | स्मार्ट सिटी, डिजिटल वाटर, सीवरेज | 18 पार्क और नक्षत्रशाला |
| मुख्य फोकस | मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा | भविष्य की स्मार्ट टाउनशिप | हाई-एंड रेजिडेंशियल |
रेरा मंजूरी के बाद पहले चरण में सह्याद्रि से करीब 900 भूखंड लाने की योजना है। इससे मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को नया विकल्प मिलने की उम्मीद है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी तक सड़क, जल निकासी और बिजली की सुविधाएं नहीं हैं। योजना में बने आवास खंडहर हो चुके हैं। ऐसे में बिना आधारभूत ढांचे के योजना लान्च करना जोखिम भरा हो सकता है।
दिल्ली रोड के आसपास के 11 गांवों में प्रस्तावित मेगा शिवालिक टाउनशिप के लिए 1250 हेक्टेयर जमीन खरीदे जाना प्रस्तावित है। एमडीए फिलहाल रसूलपुर सुनवाती, डिडौरा व डिडौरी तीन गांव की जमीन खरीद रहा है। इन गांवों में 100 हेक्टेयर जमीन सहमति के आधार पर खरीदी जा चुकी है। इस जमीन पर योजना का पहला फेज लाने की तैयारी चल रही है।
भविष्य की स्मार्ट कालोनी के रूप में होगी विकसित
यह परियोजना हजारों परिवारों को आवास देगी। प्राधिकरण इसे भविष्य की स्मार्ट कालोनी के रूप में विकसित करना चाहता है, जिसमें आधुनिक सड़कें, डिजिटल जलापूर्ति, सीवरेज सिस्टम और व्यावसायिक परिसर शामिल होंगे। नई योजनाओं में भी सबसे बड़ी समस्या बढ़ती कीमतें हैं। 40 हजार रुपये से अधिक प्रति वर्गमीटर की दर ने निम्न और मध्यम आय वर्ग को लगभग बाहर कर दिया है।
आजाद नगर निवासी मुहम्मद हनीफ का कहना है कि एमडीए की योजनाओं में प्लाट बहुत महंगे हैं। सरकारी योजना होने के बावजूद घर खरीदना हमारे लिए सपना बन गया है। बुद्धि विहार के सुधाकर का कहना है कि एमडीए की योजनाओं में आम लोगों से ज्यादा निवेशकों की रुचि देखी जाती है। बेहतर कनेक्टिविटी और भविष्य में कीमत बढ़ने की संभावना के कारण लोग इसे निवेश के रूप में देख रहे हैं।
आरक्षण और पात्रता
| श्रेणी | आरक्षण प्रतिशत |
| OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) | 27% |
| SC (अनुसूचित जाति) | 21% |
| ST (अनुसूचित जनजाति) | 2% |
| वरिष्ठ नागरिक | 10% |
| सांसद, विधायक, स्वतंत्रता सेनानी | 5% |
| दिव्यांगजन | 5% |
| सरकारी/सुरक्षा कर्मी (50+ आयु) | 5% |
इसलिए आम आदमी को प्लाट नहीं मिलते हैं। नया मुरादाबाद योजना इसका उदाहरण है। गोविंदपुरम, सह्याद्रि और शिवालिक ये तीनों योजनाएं मिलकर मुरादाबाद को नया शहरी स्वरूप दे सकती हैं। यदि नियोजन सही रहा, तो शहर का दबाव कम होगा और अवैध कालोनियों पर लगाम लगेगी, लेकिन यदि कीमतों पर नियंत्रण और सस्ती आवासीय योजनाएं नहीं लाई गईं, तो यह विकास असमानता को और बढ़ा देगा।
सह्याद्रि और शिवालिक टाउनशिप मुरादाबाद के भविष्य की नींव हैं। इनकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि विकास केवल जमीन बेचने तक सीमित रहता है या वास्तव में आम आदमी के लिए रहने लायक शहर तैयार होता है। एमडीए वीसी अनुभव सिंह ने बताया कि गोविंदपुरम योजना में ग्रुप हाउसिंग में सस्ते घर लोगाें को मुहैया कराए जाएंगे। इसके अलावा इस टाउनशिप के दूसरे फेज में छोटे प्लाट बनाने की योजना है। शिवालिक योजना में एमडीए लोगों को सस्ते प्लाट बेचेगा। कारण यह है कि गोविंदपुरम से सस्ती जमीन मिल रही है।
सांसद, विधायकों और स्वतंत्रता सेनानियों को मिलेंगे प्लाट
गोविंदपुरम योजना में भूखंडों का आवंटन पारदर्शी लाटरी प्रणाली से किया जाएगा। आवेदन करने वाला व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए और उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक या उसके परिवार के नाम पहले से किसी सरकारी आवासीय योजना में कोई मकान या भूखंड नहीं होना चाहिए। इसके लिए शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा।
इस टाउनशिप का नाम प्रख्यात खगोलशास्त्री गोविंद स्वरूप के सम्मान में रखा गया है। योजना में विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण की स्पष्ट व्यवस्था की गई है। अनुसूचित जाति के लिए 21 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए दो प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है।
गोविंदपुरम टाउनशिप को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की पहल
इसके अलावा विधायक, सांसद, विधान परिषद सदस्य व स्वतंत्रता सेनानी वर्ग को पांच प्रतिशत, 50 वर्ष से अधिक आयु के सरकारी व सुरक्षा कर्मियों को पांच प्रतिशत तथा स्थानीय निकाय कर्मचारियों को दो प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। भूतपूर्व सैनिकों के लिए तीन प्रतिशत, दिव्यांगजन को पांच प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।
सामान्य वर्ग को शेष भूखंड मिलेंगे। गोविंदपुरम टाउनशिप को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी विशेष पहल की जा रही है। यहां 18 पार्क प्रस्तावित किए गए हैं। साथ ही सरकार ने साइंस पार्क के अंतर्गत नक्षत्रशाला निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की है। इससे पहले यह सुविधा गोरखपुर, प्रयागराज और लखनऊ में उपलब्ध कराई जा चुकी है।
भूखंडों का आवंटन लाटरी से किया जाएगा। लाटरी से 15 दिन पहले आवेदकों की सूची वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर जारी होगी। तेजी से बढ़ती आबादी और महंगे मकानों के बीच यह योजना मुरादाबाद के लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

