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    मुरादाबाद में 1000 करोड़ का 'जमीन खेल' बेनकाब: बरेली के 5 रसूखदारों की बढ़ी मुश्किलें, 15 दिन का अल्टीमेटम!

    Updated: Sat, 28 Feb 2026 10:33 PM (IST)

    मुरादाबाद में 1000 करोड़ की बेशकीमती नजूल भूमि के अवैध विक्रय मामले में पांच बरेली निवासी फर्मों/व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। एडीएम ममता मालवी ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

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    HighLights

    1. बरेली जनपद के मिशन कंपाउंड निवासी है पांचों, 15 दिन के भीतर देना होगा जवाब

    2. पांचों के बयानों के बाद खुलेंगी पूरे खेल से जुड़े लोगों के नाम, कई होंगे बेनकाब

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। सिविल लाइंस जैसे पाश क्षेत्र की एक हजार करोड़ की बेशकीमती नजूल (सरकारी) भूमि बेचने के प्रकरण में पांच को नोटिस जारी किये गए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व एवं प्रभारी अधिकारी नजूल ममता मालवीय ने पांचों को नोटिस जारी किये हैं। पांचों बरेली जनपद के मिशन कंपाउंड निवासी है जिसमें विलियम कंस्ट्रक्शन के विलियम दिलावर, मनोहर लाल, विकास गुप्ता, पाल सारस्वत एवं लक्ष्मी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड फर्म का नाम शामिल है।

    पांचों को नोटिस के 15 दिन के भीतर पेश होकर जवाब देना होगा। पांचों के बयानों के बाद नजूल की बेशकीमती भूमि बेचने के पूरे खेल से जुड़े कई और चेहरे बेनकाब होंगे। दरअसल, एडीएम वित्त एवं राजस्व एवं प्रभारी अधिकारी नजूल ने बीते दिनों जिला निबंधन कार्यालय के निरीक्षण में यह खेल पकड़ा। तब उन्होंने डीएम अनुज सिंह को पूरे प्रकरण की जानकारी दी।

    डीएम ने प्रकरण में विस्तृत जांच के निर्देश दिये। जिसके बाद कहानी सामने आ गई। एडीएम की ओर से डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया कि पीलीकोठी से बिंदल तक गाटा संख्या 424 ए व 424 ब नजूल भूमि 1917 में एमए मिशन मैथोडिस्ट चर्च को पट्टा की गई। पट्टे की शर्त थी कि 90 वर्ष बाद भूमि फिर से नजूल में दर्ज हो जाएगी। इसके साथ 30-30 साल में नवीनीकरण भी अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।

    मगर, इस बीच मैथोडिस्ट चर्च के पदाधिकारियों ने बरेली की एक फर्म विलियम कंस्ट्रक्शन को भूमि डीड कर दी। पट्टे की शर्तों का हवाला देते हुए बताया कि बिना जिलाधिकारी की अनुमति के तय शर्त के अलावा कुछ नहीं किया जा सकता था। मगर, ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूमि बरेली की फर्म विलियम कंस्ट्रक्शन को ना सिर्फ डीड कर दी।

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    बल्कि डीड पट्टे का हस्तांतरण करने की बात कहते हुए की गई। बेचने तक के अधिकार दे दिये जबकि राजस्व नियमाें के अनुसार पट्टे का पट्टा नहीं होता। इसी के बाद विलियम कंस्ट्रक्शन ने साथियों संग मिलकर एक हजार करोड़ की बेशकीमती सरकारी भूमि अवैध रूप से प्लाटिंग करके बेच दी जिस पर व्यावसायिक कांम्प्लेक्स से लेकर आलीशान कोठियां तक बन गईं।

    एडीएम ने जांच रिपोर्ट में एक हजार करोड़ की क्षति का आंकलन किया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने एडीएम को संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिये थे। जिसके बाद शनिवार को एडीएम की ओर से पांचों को नोटिस जारी कर दिये गए हैं।

     

    प्रकरण में विलियम कंस्ट्रक्शन के विलियम दिलावर, मनोहर लाल, विकास गुप्ता, पाल सारस्वत एवं लक्ष्मी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड फर्म काे नोटिस जारी किये गए हैं। पांचों को नोटिस के 15 दिन के भीतर पेश होकर जवाब देना होगा।

    - ममता मालवीय, एडीएम वित्त एवं राजस्व एवं प्रभारी अधिकारी नजूल


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