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    मुरादाबाद में 1000 करोड़ का घोटाला: चर्च की जमीन को बिल्डरों ने कौड़ियों में बेचा, अब नपेंगे बड़े अधिकारी!

    Updated: Fri, 27 Feb 2026 09:11 PM (IST)

    मुरादाबाद में एडीएम वित्त एवं राजस्व ने जिला निबंधन कार्यालय के निरीक्षण के दौरान 1000 करोड़ रुपये का भूमि घोटाला उजागर किया। 1917 में एमए मिशन मेथोडि ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक चित्र

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    HighLights

    1. निबंधन कार्यालय के मुआयने के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व ने पकड़ा खेल

    2. डीएम को सौंपी बिंदुवार जांच रिपोर्ट, संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने की तैयारी

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। जिला निबंधन कार्यालय में निरीक्षण के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय ने बड़ा खेल पकड़ा। उन्होंने परत दर परत उखेड़ी तो पूरे फर्जीवाड़े की पटकथा सामने आ गई। पता चला कि 1917 में गाटा संख्या 424 ए व 424 ब नजूल भूमि एमए मिशन मैथोडिस्ट चर्च को पट्टा हुआ था।

    पट्टे की शर्त थी कि 90 वर्ष बाद भूमि फिर से नजूल में दर्ज हो जाएगी। इसके साथ 30-30 साल में नवीनीकरण भीा अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। मगर, इस बीच मैथोडिस्ट चर्च के पदाधिकारियों ने बरेली की एक फर्म विलियम कंस्ट्रक्शन को डीड कर दी। फिर विलियम कंस्ट्रक्शन ने एक हजार करोड़ कीमत की करीब साढ़े 11 एकड़ भूमि बेच दी।

    पूरी कहानी उजागार होने के बाद एडीएम ने डीएम अनुज सिंह को पूरी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। अब सभी पक्षों को नोटिस देने की तैयारी है। पीलीकोठी से बिंदल तक करीब साढ़े 11 एकड़ भूमि गाटा संख्या 424 ए व 424 ब में दर्ज है।

    एडीएम वित्त एवं राजस्व की ओर से डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित दोनों गाटा संख्या की करीब साढ़े 11 एकड़ नजूल भूमि साल 1917 में एमए मिशन मैथोडिस्ट चर्च को पट्टा हुआ था। यह पट्टा इस शर्त पर किया गया था कि 90 वर्ष बाद भूमि स्वत: नजूल में दर्ज हो जाएगी।

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    30-30 साल पर पट्टे का नवीनीकरण कराना होगा। कोई नया निर्माण नहीं कराया जाएगा। यहां तक कि बिना जिलाधिकारी की अनुमति के तय शर्त के अलावा कुछ नहीं किया जा सकता। मगर, ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूमि बरेली की फर्म विलियम कंस्ट्रक्शन को डीड कर दी।

    डीड भी बाकायदा पट्टे का हस्तांतरण करने की बात कहते हुए की गई। बेचने तक के अधिकार दे दिये जबकि राजस्व नियमाें के अनुसार पट्टे का पट्टा नहीं होता। इसी के बाद विलियम कंस्ट्रक्शन ने साल 2013 में पूरी भूमि अवैध रूप से प्लाटिंग करके बेच दी जिस पर व्यवसायिक कांम्प्लेक्स से लेकर आलीशान कोठियां तक बन गईं।

    एडीएम ने जांच रिपोर्ट में इससे एक हजार करोड़ की क्षति का आंकलन किया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने एडीएम को संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।

    शासन की अनुमति से ही हो सकता है पट्टे का हस्तांतरण

    राजस्व नियमोंं के अनुसार, किसी भी पट्टे का हस्तांतरण शासन की अनुमति से ही हो सकता है। मगर, यहां शासन तो दूर जिला स्तर पर भी कोई पत्राचार नहीं किया गया। बावजूद इतनी बड़ी और बेशकीमती भूमि का पट्टा फर्जी तरीके से हस्तांतरित कर दिया गया। माना जा रहा है कि बिना विभागीय अफसरों के मिलीभगत के इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव नहीं है। ऐसे में पूरे प्रकरण में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी। पूरी कहानी सामने होगी। तत्कालीन अफसरों के चेहरे भी बेनकाब होंगे।

     

    प्रकरण में एडीएम वित्त एवं राजस्व की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिसमें एक हजार करोड़ की क्षति का आंकलन किया गया है। संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिये गए हैं। नजूल की भूमि पुन: उसी में दर्ज कराई जाएगी।

    - अनुज सिंह, डीएम


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