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मुरादाबाद: कल खत्म हो रही है डेडलाइन, पर यूनिवर्सिटी कैंपस में अभी तक खिड़की-दरवाजे भी नहीं!

Updated: Sun, 22 Feb 2026 07:22 PM (IST)

मुरादाबाद के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य 23 फरवरी 2026 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक केवल 70% काम ही हो सका है। पीडब्ल्यूडी (PWD) की सुस्ती से छात्रों की पढ़ाई अभी भी अस्थायी भवनों में जारी है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय का प्रवेश द्वार तैयार करते श्रमिक

गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय का प्रवेश द्वार तैयार करते श्रमिक

HighLights

  1. फरवरी 2026 तक विश्वविद्यालय कैंपस हैंडओवर करने के दावे हवा हवाई

  2. एकेडमिक, एडमिन समेत सभी ब्लाक में शत प्रतिशत काम नहीं हो पाया पूरा

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। हरदासपुर स्थित गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के निर्माण की तय मियाद 23 फरवरी को पूरी हो रही है, लेकिन परिसर अब भी अधूरा है। निर्माण कार्य अगस्त 2024 में शुरू हुआ था और दावा किया गया था कि फरवरी 2026 तक भवन विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। वर्तमान स्थिति में करीब 70 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है, जबकि कोई भी ब्लॉक शत-प्रतिशत तैयार नहीं है।

विश्वविद्यालय के एडमिन ब्लाक का ढांचा तो खड़ा हो गया है, लेकिन खिड़की-दरवाजे तक नहीं लगे हैं। मुख्य द्वार और उससे जुड़ने वाली सड़क भी अधूरी है। एकेडमिक, छात्रावास, कुलपति आवास समेत सभी 11 प्रस्तावित ब्लाकों में फिनिशिंग का काम चल रहा है।

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बिजली और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी अब तक पूरी तरह विकसित नहीं हो सकी हैं, जिसके चलते कुलपति आवास में शिफ्टिंग तक नहीं हो पाई है। निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा कराया जा रहा है। देरी के पीछे श्रमिकों की कमी और रामगंगा नदी के किनारे रेतीली जमीन में पाइलिंग की दिक्कतों को कारण बताया जा रहा है।

हालांकि पाइलिंग के बाद भी काम की गति नहीं बढ़ाई गई। विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से लगातार मानिटरिंग और प्रगति रिपोर्ट भेजी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण समय पर पूरा होता नहीं दिख रहा।

मौजूदा हालात को देखते हुए यह संभावना कम ही नजर आती है कि अगले छह महीने में भी विश्वविद्यालय का निर्माण पूरी तरह हो पाएगा। अगर विश्वविद्यालय निर्माण की यही रफ्तार रही तो जुगाड़ के भवनों में कैंपस की पढ़ाई दूसरे सेमेस्टर के होने के आसार नजर आ रहे हैं।

विश्वविद्यालय कैंपस की जुगाड़ व्यवस्था में चल रही पढ़ाई

परिसर तैयार न होने के कारण विश्वविद्यालय कैंपस की कक्षाएं शहर की अलग-अलग इमारतों में संचालित हो रही हैं। पढ़ाई मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर(एमएचएससी) राजकीय पालिटेक्निक में चल रही हैं जबकि राजकीय डिग्री कालेज मथाना छजलैट में पहले सेमेस्टर की परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन होना है।

एक ही कैंपस में सभी व्यवस्थाओं के न होने से विश्वविद्यालय प्रशासन को दौड़ लगानी पड़ रही है। पहले सेमेस्टर की पढ़ाई और परीक्षाएं इसी अस्थायी व्यवस्था में पूरी हुईं और अब दूसरा सेमेस्टर भी शुरू होने वाला है।

विश्वविद्यालय का कैंप कार्यालय भी सीमित जगह में संचालित हो रहा है, जहां बैठकों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अगर, महाविद्यालयों की बैठक बुलाई जाए तो कैंप कार्यालय में जगह ही नहीं है।

 

23 फरवरी को विश्वविद्यालय निर्माण की मियाद पूरी हो रही है। इसकी नियमित मानिटरिंग की जा रही है और एजेंसी के निर्माण कार्य की रिपोर्ट भी शासन को जा रही है। निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कराया जा रहा है। उम्मीद थी कि दूसरा सेमेस्टर कैंपस में शुरू हो जाएगा। लेकिन, अभी निर्माण कार्य पूरा होने का इंतजार बना है। जब विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्माण एजेंसी हैंडओवर दे देगी तभी शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कराई जा सकेंगी।

- प्रो. सचिन माहेश्वरी, कुलपति, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय


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