विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मेरठ: 160 की रफ्तार से मंजिल तक पहुंचा रही नमो भारत, बेगमपुल स्टेशन पर बाहर निकलते ही गड्ढों से हो रहा सामना

Published: Tue, 08 Sep 2026 03:17 PM (IST)

नमो भारत ट्रेन से दिल्ली-मेरठ की तेज यात्रा के बावजूद, बेगमपुल स्टेशन के बाहर यात्रियों को गहरे गड्ढों का सामना करना पड़ता है।

बेगमपुल नमो भारत मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के बाहर सड़क का यह हाल

बेगमपुल नमो भारत मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के बाहर सड़क का यह हाल

HighLights

  1. नमो भारत स्टेशन के बाहर गहरे गड्ढे यात्रियों के लिए खतरा।

  2. एनसीआरटीसी की लापरवाही से सड़क की बदहाली, मरम्मत की जरूरत।

  3. बेगमपुल स्टेशन पर सर्वाधिक यात्री, सुरक्षा का मुद्दा गंभीर।

जागरण संवाददाता, मेरठ। देश की पहली रीजनल रैपिड रेल यात्रियों को दिल्ली से मेरठ तक महज कुछ मिनटों में 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पहुंचा तो देती है लेकिन स्टेशन से बाहर कदम रखते ही यात्रियों का सामना चौड़े और गहरे गड्ढों से होता है।

यही परेशानी स्टेशन तक पहुंचने में उठानी पड़ती है। नमो भारत की अत्याधुनिक चमचमाती तकनीक और सड़क की यह बदहाली एक-दूसरे के ठीक उलट खड़ी है। सबसे बुरी स्थिति बेगमपुल नमो भारत स्टेशन के आसपास की है, जहां चारों गेटों के ठीक सामने इतने गहरे गड्ढे बन चुके हैं कि जरा सी जल्दबाजी किसी यात्री को दुर्घटना का शिकार बना सकती है।

यह स्थिति उसी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की लापरवाही से हुई है जिसने इस विश्वस्तरीय कारिडोर को तैयार किया है।

79797622

बेगमपुल चौक से लेकर जीरो माइल यानी नमो भारत स्टेशन के गेट नंबर एक, दो, चार व तीन तक पूरी सड़क गड्ढों की भेंट चढ़ चुकी है। स्टेशन के अंदर अत्याधुनिक चमक है तो गेटों के ठीक बाहर निकलते ही विशाल गड्ढे। यह तस्वीर उस विकास के दावे पर सीधा तंज है, जिसमें लोग दिल्ली से मेरठ तक की दूरी हाईटेक ट्रेन से सरपट तय करते हैं लेकिन जैसे ही प्लेटफॉर्म से उतरकर स्टेशन के बाहर आते हैं, उन्हें गड्ढों से जूझना पड़ता है।

शाम ढलते ही अंधेरे में ये गड्ढे और खतरनाक हो जाते हैं और दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ा देते हैं। यह सड़क एनसीआरटीसी के अधीन है और इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी उसी की है। इसकी मरम्मत उस समय हुई थी जब नमो भारत कारिडोर का 22 फरवरी को उद्घाटन किया गया था।

79797620_400

 

उद्घाटन के समय भी सड़क की स्थिति बदहाल थी लेकिन तब उद्घाटन की तैयारी के कारण मरम्मत की गई थी। कुछ समय बीतने के बाद जब सड़क जर्जर होती चली गई और गड्ढे बढ़ते गए तो संबंधित विभाग ने इसकी सुध नहीं ली।

यह भी पढ़ें- मेरठ में 67 करोड़ की लागत से बनेंगे  39 नाले और दो पंपिंग स्टेशन, इसी महीने शुरू होगा काम

सवाल यह है कि जब देश की सबसे आधुनिक रेल परियोजना के स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को गड्ढों में संभलकर चलना पड़ रहा है तो इस पर निगरानी रखने वाले विभाग या अफसरों ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह क्यों मोड़ लिया।

इसलिए महत्वपूर्ण है यह क्षेत्र

  • शहर के अंदर के नमो भारत कारिडोर के स्टेशनों में सबसे अधिक यात्री बेगमपुल स्टेशन पर उतरते और बैठते हैं। इसके आसपास कई निजी व सरकारी स्कूल हैं, तमाम छात्र-शिक्षिक मेट्रो से स्कूल आते-जाते हैं।
  • कचहरी व आसपास अस्पताल के लिए भी लोग इस स्टेशन का उपयोग करते हैं।
  • आबूलेन, लालकुर्ती समेत कई बाजार जाने के लिए बेगमपुल चौक व जीरो माइल का उपयोग करना पड़ता है।
  • रुड़की रोड, मवाना रोड, दिल्ली रोड, गढ़ रोड यहीं पर मिलती हैं। बड़ी संख्या में यात्री वाहनों का यहां आवागमन रहता है।


हाल में हुई भारी बरसात के कारण बेगमपुल स्टेशन के सामने की सड़क के कुछ हिस्से में गड्ढे हो गए हैं, जिसकी वर्तमान में एनसीआरटीसी द्वारा अस्थायी मरम्मत की जा रही है। बरसात के मौसम के बाद इसको स्थायी रूप से ठीक कराया जाएगा। इस पूरी सड़क को पीडब्ल्यूडी को सौंपने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही है जिसे जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा।- पुनीत वत्स, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआरटीसी

सीपीएम और पीडब्ल्यूडी से बात करके अतिशीघ्र गड्ढे भरवाएंगे। दोनों में से कोई भी विभाग करे लेकिन जल्द मरम्मत होगी। यदि एनसीआरटीसी इस कार्य को करेगा तो पीडब्ल्यूडी से इसकी निगरानी कराई जाएगी।- वीके सिंह, जिलाधिकारी।