मेरठ में एक साल की बच्ची को अगवा कर 20 हजार में बेचा, तीन आरोपी गिरफ्तार
मेरठ में बेगमपुल नमो भारत स्टेशन के पास से अगवा हुई एक साल की बच्ची को पुलिस ने तीन दिन बाद बरामद कर लिया। बच्ची को 20 हजार रुपये में बेचने की कोशिश क ...और पढ़ें

बच्ची को अगवा कर बेचने वाले तीन लोग गिरफ्तार।
HighLights
मेरठ में एक साल की बच्ची का अपहरण।
पुलिस ने तीन दिन में बच्ची को बरामद किया।
20 हजार में बेचने के आरोप में तीन गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, मेरठ। बेमपुल नमो भारत स्टेशन के पास से अगवा हुई एक वर्षीय बच्ची को पुलिस ने तीन दिन बाद बरामद कर लिया। खेल का सामान बनाने वाली लेबर के कर्मचारियों ने बच्ची को ठेकेदार के लिए अगवा किया था। ठेकेदार से बच्ची का सौदा 20 हजार में तय हुआ था। बाकायदा रकम भी एड़वांस के तौर पर वसूली गई थी।
सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने आरोपितों की पहचान की। उसके बाद बच्ची को अगवा करने वाले कर्मचारी और खरीदने वाले ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ अपहरण, बच्चों की खरीद फराेख्त का मुकदमा दर्ज किया गया।
सुल्तानपुर निवासी सोनू की शादी करीब 12 वर्ष पूर्व चांदनी से हुई थी। उनके छह बच्चे हैं और वह तथा उसकी पत्नी कूड़ा बिनने का काम करते हैं। पिछले एक वर्ष से वह अपने परिवार के साथ मेरठ में रह रहे हैं। इस समय सोनू का परिवार बेगमपुल स्थित नमो भारत स्टेशन के समीप सड़क किनारे रहता है।
बुधवार की रात को सोनू की एक वर्षीय बेटी किलावती अपनी मां चांदनी के पास सो रही थी। सुबह परिवार के लोग उठे, तब देखा गया कि बच्ची को किसी ने मां के पास से ही अगवा कर लिया। सुबह ही बच्ची के गायब होने पर परिवार ने लालकुर्ती थाने पहुंचकर मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी।
सीओ कैंट संजय गुप्ता ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से सामने आया कि बाइक सवार हो नकाब लगाए दो युवक बच्ची को गढ़ रोड की तरफ उठाकर ले गए। पुलिस सीसीटीवी से पीछा करते हुए हापुड़ अड्डे तक पहुंची। यहां पर एक कैमरे में बाइक का नंबर कैद हो गया।
खबरें और भी
यह बाइक मेडिकल थाने के कमालपुर निवासी युसूफ के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पुलिस ने युसूफ को कब्जे में ले लिया। युसूफ की निशानदेही पर उसके साथी हुस्ने आलम और ठेकेदार अकबर को गिरफ्तार कर लिया।
दो दिनों तक युसूफ के घर में रही बच्ची
युसूफ ने पूछताछ में बताया कि वह कैरम बोर्ड बनाने का काम लोहियानगर निवासी ठेकेदार अकबर की लेबर में करता है। अकबर के साथ कैरम बोर्ड बनाने हैदराबाद गया था। तब अकबर ने बताया कि बच्चा न होने की वजह से उसके परिवार में कलह रहता है। तभी युसूफ ने अकबर को भरोसा दिलाया कि वह उसे बच्चा दिला देगा।
हैदराबाद से लौटने के बाद युसूफ ने अपने गांव के हुस्ने आलम को साथ लेकर बच्चे की तलाश शुरू कर दी। बच्चे के लिए अकबर से युसूफ ने बीस हजार रुपये एड़वांस भी ले लिए थे।
सीओ ने बताया कि बुधवार को युसूफ ने नमो भारत स्टेशन के पास से हसनैन के साथ एक वर्ष की किलावती को मां के पास से चुरा लिया। उस समय किलावती का पूरा परिवार सो रहा था। नींद में होने की वजह से बच्ची ने कोई आवाज नहीं की।
उसके बाद दो दिनों तक युसूफ ने बच्ची को अपने घर पर रखकर दूध पिलाया। तीसरे दिन बच्ची को अकबर के परिवार को साैंप दिया। इसी बीच पुलिस ने युसूफ,हुस्ने आलम और अकबर को गिरफ्तार कर बच्ची को बरामद कर लिया।