छह रुपये की बिजली खर्च कर 'तेजस' पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे मेरठ, रास्ते में देखते रहे लोग
मेरठ के दो भाइयों आशीष और अक्षय ने छह महीने की मेहनत से 'तेजस' नामक एक इलेक्ट्रिक बाइक बनाई है, जो मात्र छह रुपये की बिजली में 150 किलोमीटर तक चलती है ...और पढ़ें
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छह रुपये की बिजली खर्च कर 'तेजस' पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे मेरठ।
HighLights
मेरठ के भाइयों ने 6 रुपये में बनाई 150 KM वाली बाइक।
'तेजस' इलेक्ट्रिक बाइक 1000 वाट इंजन, 70 किमी/घंटा रफ्तार।
हरिद्वार से गंगाजल लाने में सफल, सिर्फ एक बार चार्ज।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सपनों को पंख लग जाएं तो साधन मायने नहीं रखते, बस जुनून जिंदा रहना चाहिए। गगन विहार के रहने वाले दो सगे भाइयों ने स्कूली दिनों में देखा एक सपना छह माह की मेहनत, प्रयोग और असफलताओं के बाद हकीकत में बदल दिया।
दोनों भाइयों को बचपन से ही कुछ नया करने का जुनून था। इसी जुनून ने उन्हें ऐसी इलेक्ट्रिक बाइक बनाने की राह दिखाई, जो महज छह रुपये की बिजली में करीब 150 किलोमीटर तक चलती है। संसाधन सीमित थे, लेकिन हौसला बड़ा था।
कभी पुर्जों की तलाश, कभी तकनीकी अड़चन और कभी प्रयोग के नाकाम होने के बावजूद दोनों ने हार नहीं मानी। दिन-रात मेहनत कर आखिरकार उन्होंने अपनी सोच को पहियों पर दौड़ा दिया। दोनों भाइयों ने तीन बाइक बनाकर तैयार कर दी है।
गगन विहार निवासी आशीष ने बीएड और अक्षय कुमार ने हापुड की मोनार्ड यूनिवर्सिटी से बी-टेक किया हुआ है। उनके पिता धनपाल सिंह कैंट बोर्ड में कर्मचारी है। पढ़ते समय ही दोनों भाइयों ने कुछ नया करने का सपना देखा था।
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पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके पिता ने दोनों भाइयों को तेजस इलेक्ट्रिक वर्क्स के नाम से गगन विहार में ही इलेक्ट्रिक साइकिल की दुकान खोलकर दी। साइकिल बेचने के साथ साथ उन्होंने बाइक भी बनाने का काम शुरू कर दिया।
तीन से चार बार बाइक को बनाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब चार माह पूर्व ही उन्हें सफलता मिली। दोनों भाई हाल ही में हरिद्वार से जल लेकर भी आए है। मेरठ से हरिद्वार और हरिद्वार से मेरठ आने में काेई परेशानी नहीं हुई। बीच में केवल एक बार चार्ज करना पड़ा।
70 किलोमीटर प्रतिघंटा है रफ्तार, 1000 वाट है इंजन पावर
आशीष ने बताया कि इस बाइक का इंजन 1000 वाट का है। वजन क्षमता 300 किलोग्राम है। एक बार में छह से सात घंटे में फुल चार्ज होती है। चार्ज करते समय छह घंटे में मात्र एक या डेढ़ यूनिट बिजली की खर्च करती है। दो व्यक्ति आराम से बैठ सकते हैं। बाइक की कीमत 25 से 30 हजार रुपये रखी गई है।
सेना के विमान तेजस पर रखा बाइक का नाम
अक्षय कुमार ने बताया कि पढ़ते समय वह सेना के तेजस विमान के बारे में खूब पढ़ते थे। इसलिए उसे से प्रेरित होकर इस बाइक को नाम भी तेजस रखा है। आशीष ने बताया कि पेटेंट आवेदन किया हुआ है। अभी हुआ नहीं है।
किसी भी वाहन का पंजीकरण तभी होता है, वाहन के इंजन व चेसिस नंबर होते हैं। इंजन व चेसिस नंबर वाहन निर्माता कंपनी तय करती हैं। यदि कोई बाइक बना लेता है, तो सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी से उसकी टेस्टिंग करानी होगी। टेस्टिंग में पास होने पर मैन्युफैक्चर्स के आधार पर ही पंजीकरण होना संभव है। -विकास कुमार यादव, एआरटीओ (प्रशासन)।
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