विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मेरठ ब्लू ड्रम: चार मिनट में दोषी करार, फैसला सुन रो पड़ी थी मुस्कान; जज ने कहा- समाज को झकझोरते हैं ऐसे अपराध

Published: Wed, 14 Oct 2026 06:09 PM (IST)

मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में जिला जज ने मुस्कान और साहिल को चार मिनट में दोषी करार दिया, जिसके बाद मुस्कान रो पड़ी।

News Article Hero Image

HighLights

  1. जिला जज ने मुस्कान-साहिल को दोषी करार दिया।

  2. सौरभ हत्याकांड में चार मिनट में फैसला सुनाया गया।

  3. मुस्कान फैसले के बाद रो पड़ी, समाज को झकझोरते अपराध।

सुशील कुमार, मेरठ। मेरठ नीले ड्रम हत्याकांड में सौरभ राजपूत की हत्या करने वाली उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई है। हम बात कर रहे हैं उस दिन की जब दोनों को अदालत ने दोषी करार दिया था।

29 सितंबर की शाम साढ़े चार बजे जिला जज की अदालत अधिवक्ताओं से भरी हुई थी। चर्चित सौरभ हत्याकांड के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी थीं। कोर्ट परिसर के दोनों गेट पर भारी पुलिस बल तैनात था। 4:52 मिनट पर जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा अदालत में प्रवेश करते हैं, जिससे सभी अधिवक्ता खामोश हो जाते हैं। इससे पहले, जेल से आनलाइन वीसी में सौरभ हत्याकांड के आरोपित मुस्कान और साहिल जुड़े रहते हैं।

जज ने मुस्कान से किया सवाल

कुर्सी पर बैठते ही जज ने कहा, साहिल, आवाज नहीं आ रही है, हाथ उठाओ। साहिल और मुस्कान ने हाथ उठाए। जज ने कहा कि अब फैसले का समय आ गया है। हमने जो करना था, कर चुके हैं, आप बताओ, तुम्हें क्या लगता है। मुस्कान, बताओ तुम्हें क्या लगता है? मुस्कान मौन रहीं। जज ने कहा, आपको अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।

डीजीसी केके चौबे ने बताया कि उसके बाद जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि ऐसे अपराध समाज को झकझोरते हैं, समाज के ताने बाने को तोड़ते हैं और डर पैदा करते हैं। सामाजिक चेतना पर भी इनका प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में एक तरफ दोनों आरोपितों की जिंदगी है और दूसरी तरफ समाज है।

पर्याप्त साक्ष्य और गवाहों से सामने आया कि साहिल और मुस्कान ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की है। साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नीले ड्रम में सीमेंट से जमा दिया था। ऐसे में दोनों को सौरभ की हत्या के लिए दोषी ठहराया जाता है। चार मिनट में ही दोनों को दोषी करार देकर जज अदालत से उठकर अंदर चले गए। चंद ही मिनटों में अदालत के बाहर सरकारी अधिवक्ताओं ने निर्णय के बारे में बताया।

फैसला सुन रोते हुए बैरक में गई मुस्कान

जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि आनलाइन वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद तत्काल ही साहिल और मुस्कान की आंखों से आंसू छलकने लगते हैं। रोते हुए मुस्कान वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैरक में चली जाती है। बैरक में बेटी को दुलार करती है। उसके बाद अन्य महिला बंदियों को मुस्कान के साथ लगाया जाता है। साथ ही अन्य महिला बंदी उसे समझा मन को हलका करती है।

यह भी पढ़ें- मेरठ ब्लू ड्रम केस: सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान ने दोस्त को दी थी धमकी- दोबारा कॉल कर डिस्टर्ब मत करना

 

यह भी पढ़ें- मेरठ के नीला ड्रम केस में मुस्कान-साहिल को फांसी की सजा, सौरभ की हत्या कर सीमेंट में जमा दिया था शव