मेरठ ब्लू ड्रम केस: सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान ने दोस्त को दी थी धमकी- दोबारा कॉल कर डिस्टर्ब मत करना
सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई है। पुलिस ने मजबूत ई-साक्ष्य और गवाहों ...और पढ़ें

HighLights
सौरभ राजपूत की क्रूर हत्या में मुस्कान-साहिल को फांसी।
शव के चार टुकड़े कर नीले ड्रम में जमाया था।
ई-साक्ष्य और गवाहों से साबित हुआ प्रेम प्रसंग का राज।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सौरभ राजपूत की सनसनीखेज हत्या में क्रूरता भी कांप गईं थीं। चाकू से हत्या कर शव के चार टुकड़े कर नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से जमाया था। हत्या का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, उसके बाद भी पुलिस ने मजबूत ई-साक्ष्य तैयार किया। मां और भाई समेत 22 लोगाें की गवाही कराई। उक्त सबूत और गवाही को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ हत्याकांड को दोषी माना है। उक्त सबूत को आधार बनाकर ही कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई है।
डीजीसी केके चौबे ने बताया कि तत्कालीन एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा के नेतृत्व में सौरभ हत्याकांड की चार्जशीट तैयार कराई थी। चार्जशीट में ई-साक्ष्य और 34 गवाह दिए गए थे। हालांकि, अदालत में सिर्फ 22 गवाह पेश किए गए। 12 गवाह अदालत तक नहीं पहुंचे।
हत्या से दो दिन पहले खुला था राज
मुकदमे के ट्रायल में गवाही के दौरान सौरभ राजपूत के दोस्त सौरभ ने बताया कि तीन मार्च 2025 की रात 12 बजे साहिल शुक्ला को मुस्कान के घर आते-जाते हुए देखा था। साथ ही सौरभ की मां रेणू और भाई बबलू ने बताया कि हत्या से दो दिन पहले ही सौरभ ने बताया था कि मुस्कान के साहिल शुक्ला के साथ अवैध संबंध है। दोनों मिलकर कभी भी उसकी हत्या करा सकते हैं। बेटी का वास्ता देकर सौरभ को पत्नी मुस्कान के पास भेज दिया था।
डीजीसी केके चौबे ने बताया कि तीन मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल की आपस में कई बार फोन पर बातचीत हुई हैं। उसके बाद दोनों की लोकेशन एक स्थान पर मिली। साथ ही रात को आठ बजे साहिल का मोबाइल बंद हो गया था, जो दूसरे दिन सुबह 11 बजे खुला।
हिमाचल में खुला था सौरभ का मोबाइल
सौरभ राजपूत का मोबाइल भी तीन मार्च 2025 की रात को 12 बजे बंद हो गया था, वह मोबाइल भी तीसरे दिन हिमाचल में खोला गया। मोबाइल पर सौरभ राजपूत का साथी सौरभ कॉल किया तो मुस्कान ने रिसीव किया और धमका दिया कि पति सौरभ के साथ हिमाचल घूमने आए हैं, अब दोबारा कॉल कर डिस्टर्ब मत करना, उसके बाद सौरभ ने दोबारा कॉल नहीं किया।
सौरभ की मां रेणू और भाई बबलू ने भी कॉल किया था। तब भी कॉल रिसीव नहीं किया गया। उक्त ई-साक्ष्य से ही अदालत में साबित हुआ है कि साैरभ राजपूत की हत्या मुस्कान रस्तोगी ने प्रेमी साहिल शुक्ला के संग मिलकर की थी।
