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बागपत हादसा: रामेश्वर यादव के अंतिम शब्द थे... मुझे बचा लो, कोई गाड़ी में ले चलो; किराया दे दूंगा

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 08 Sep 2026 12:11 PM (IST)

Baghpat EPE Accident: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई और कई ...और पढ़ें

मेरठ मेडिकल कालेज में घायलों से जानकारी लेते एडीजी भानु भास्कर।

मेरठ मेडिकल कालेज में घायलों से जानकारी लेते एडीजी भानु भास्कर।

HighLights

  1. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसे में 13 मौतें।

  2. सोनिया ने खोए दोनों बच्चे और पिता, इलाज छोड़ बदायूं लौटी।

सुशील कुमार, मेरठ। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) पर रविवार देर रात हुए हादसे में 60 साल वर्षीय रामेश्वर यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वह बेटे यादराम यादव, पुत्रवधू खुशी और पोते श्रीनिवास व पोती छाया के साथ बागड़धाम गए थे। यादराम ने बताया कि हादसे के बाद घायल पिता के अंतिम शब्द थे-मुझे बचा लो, कोई गाड़ी में ले चलो, किराया दे दूंगा..। उस समय दूर-दूर कोई नहीं दिख रहा था। सभी इतने बदहवास थे कि अपनों को भी नहीं ढूंढ पा रहे थे।

अल्लापुर के यादराम उनकी पत्नी खुशी, 11 वर्षीय बेटा श्रीनिवास व छह वर्षीय बेटी छाया मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती हैं। यादराम ने बताया कि पिता रामेश्वर यादव की मौत हो गई। गनीमत है कि पत्नी और दोनों बच्चों की जान बच गई। इसी गांव के छत्रपाल भी अपनी पत्नी भगवती के साथ बागड़धाम गए थे। भगवती ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। छत्रपाल की हालत इतनी गंभीर है कि पत्नी की मौत के बाद उसे देख भी नहीं सकें।

मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर में भर्ती छत्रपाल भी बोलने की हालत में नहीं हैं, सिर्फ इशारों में जवाब दे रहे हैं। बदायूं के जरीफनगर थाने के मदारपुर निवासी नेमपाल भी पत्नी सुल्तानश्री और 11 वर्षीय बेटे जितेंद्र के साथ बागड़धाम गए थे। सुल्तानश्री को अभी तक नहीं पता कि उनके बेटे जितेंद्र की मौत हो चुकी है, इसलिए वह सामान्य ढंग से बातचीत कर रही हैं। पति नेमपाल भी ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं। सुल्तानश्री के चार बेटे और एक बेटी है। सबसे छोटा बेटा जितेंद्र था। सुल्तानश्री का परिवार बदायूं से मेडिकल कालेज पहुंच गया। सुल्तानश्री ने बताया कि हादसे के समय समय सभी लोग बैठे-बैठे सो रहे थे। अचानक गाडी डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई और सभी लोग सड़क पर आ गिरे।

सोनिया की गोद हुई सुनी, दोनों बेटे और पिता की मौत, पति भी हुआ घायल

मेरठ मेडिकल कालेज अस्पताल के ट्रामा सेंटर का माहौल सोमवार को गमगीन था। सेंटर में भर्ती सड़क हादसे में घायल सोनिया का रुदन सुनकर वहां मौजूद लोगों का सीना चाक हो गया। नियति के क्रूर प्रहार ने एक झटके में सोनिया की पूरी दुनिया उजाड़ दी। दोनों बच्चों की मौत के बाद उनकी गोद सूनी हो गई और सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। इस वियोग को मां का दिल बर्दाश्त नहीं कर सका और खुद का इलाज अधूरा छोड़ वह अपने जिगर के टुकड़ों के शव लेकर पति के साथ बदायूं चली गईं।

बदायूं के उझानी थानाक्षेत्र के अल्लापुर गांव निवासी प्रेम सिंह यादव ने बेटी सोनिया की शादी सारई मुरिया निवासी विकास से की थी। प्रेम सिंह यादव के साथ बेटी सोनिया, दामाद विकास, सोनिया का चार वर्षीय बेटा सौरभ और दो साल की बेटी दीक्षा भी बागड़धाम आई थी। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) पर गाडी पलटने से सोनिया और विकास घायल हो गए थे, जबकि उनकी गोद में बैठे दोनों बच्चे सौरभ और दीक्षा की मौत हो गई। प्रेम सिंह यादव की भी जान चली गई। सोनिया और विकास को भी घायल अवस्था में मेडिकल कालेज लाया गया। दंपती को पता चला कि उनके दोनों बच्चों की जान चली गई है। इसके बाद वे अपना उपचार कराने के बजाय बच्चों के शव लेकर बदायूं लौट गए।

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सेंटर के अंदर घायल और बाहर तड़प रहे थे अपने

ट्रामा सेंटर में दलीप, छत्रपाल और नेमपाल भर्ती हैं। सेंटर के बाहर बैठे इनके स्वजन इंद्रपाल, दुर्गेश, यशपाल, मुनीश, मुन्नालाल, कर्मवीर, मुकेश और कर्मपाल बेबसी के आंसू बहाते हुए दुआ भी कर रहे थे। इंद्रपाल और कर्मवीर का कहना था कि हादसे में गाड़ी चालक विपिन के भाई सुगड़पाल की भी मौत हो गई। चालक विपिन घायल है। उनका कहना था कि चालक को झपकी आने से हादसा हुआ है। विपिन के पास ही उसका भाई सु्गड़पाल बैठा था।

इन्होंने कहा

रविवार की रात थाना खेकड़ा के बड़ागांव टोल प्लाजा के पास गाडी पलटने से हुए हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। गाडी में करीब 32 लोग सवार थे। गंभीर घायलों को मेडिकल और अन्य घायलों को बागपत में भर्ती कराया गया। बदायूं के रहने वाले उक्त सभी लोग राजस्थान के बागड़धाम से लौट रहे थे। उपचार में सहयोग के लिए मेडिकल पुलिस को भी लगाया है।
भानु भास्कर, एडीजी जोन