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नंदगांव में नंदोत्सव की धूम: लाला के दर्शन को उमड़ी गोपियां, श्रद्धालुओं ने लूटे उपहार

Published: Mon, 07 Sep 2026 08:50 AM (IST)

नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्म के तीसरे दिन नंदोत्सव धूमधाम से मनाया गया, जहां गोपियों ने लाला के दर्शन किए। इस ...और पढ़ें

नंदगांव स्थित नंदभवन में नंदोत्सव में शंकर लीला का मंचन करते कलाकार व मौजूद सेवायत। फोटो जागरण

नंदगांव स्थित नंदभवन में नंदोत्सव में शंकर लीला का मंचन करते कलाकार व मौजूद सेवायत। फोटो जागरण 

HighLights

  1. नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्म के तीसरे दिन नंदोत्सव धूमधाम से मना।

  2. गोपियों ने लाला के दर्शन किए, श्रद्धालुओं ने उपहार लूटे।

  3. समाज गायन, मल्ल युद्ध, दधिकंधा लीला ने भक्तों को मंत्रमुग्ध किया।

जागरण संवाददाता, मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान और गोकुल के बाद कान्हा के जन्म के तीसरे दिन नंदगांव में नंद के द्वार नंदभवन में कान्हा के जन्म की धूम छाई रही। गोपियां अपने लाला के दर्शन को पहुंची। माथे पर चंदन का लेप, बगलबंदी धारण कर जब गोप पहुंचे तो हर ओर जयकारे गूंजने लगे। बरसाना और नंदगांव के गोस्वामियों ने समाज गायन किया।

उपहार लुटाए गए तो लूटने के लिए होड़ मच गई। बृषभानु बाबा की नगरी बरसाना से गोप रविवार सुबह करीब 10 बजे नंदबाबा की नगरी नंदगांव पहुंचे। यहां उनका स्वागत किया गया।

जगमोहन में नंदगांव-बरसाना के गोस्वामी समाज के लोगों ने मिलकर समाज गायन किया। तीन घंटे तक चले गायन में हर कोई झूम उठा।

नंद के द्वार बजी मंगल बधाई...गोपियां लाला देखन आईं

नंदमहल में प्रतीकात्मक मल्ल युद्ध का आरंभ हुआ। एक सेवायत गोस्वामी ने कमर से फेंटा निकाल हवा में लहराते हुए चुनौती दी। दूसरे गोस्वामी ने कृष्ण-बलराम को प्रणाम कर युद्ध स्वीकार किया। अखाड़े में उतरे दोनों पहलवान बराबरी पर कुश्ती छोड़कर एक-दूसरे से क्षमा मांगकर गले मिले। बरसाना के गोप नंद के जमाई की जय बोल रहे थे तो नंदगांव वाले बृषभानु के जमाई की जय। इसी बीच भांड स्वरूप एक गोस्वामी युवक 15 फीट ऊंचे बांस पर चढ़ गया।

कान्हा के गांव नंदगांव में नंदोत्सव में झूम उठे श्रद्धालु

कृष्ण-बलराम की ओर मुखकर गाने लगा। तुम उदार सरिस देत न दृव्य समार, डांडी हूं कुल चंद की आई नंद दरबार। यह दृश्य देखते ही हर भक्त बधाई गीतों में खो गया। अंत में शंकर लीला हुई। भगवान शंकर बालकृष्ण को निहारकर द्रवित हो उठे। उन्होंने मोर पंखों से कान्हा की नजर उतारी। भक्त भी झाड़ा लगवाने उमड़े। सेवायत मुकेश गोस्वामी और कन्हैया गोस्वामी ने परंपरा अनुसार कृष्ण और बलराम की कलाई पर राखी बांधी।

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गोस्वामी समाज ने किया गायन

यशोदा मैया के सिर पर सेवायतों ने प्रसूता की भांति माथे पर पट्टी और कमर में नारियल बांधने की प्राचीन रस्म भी निभाई, जो छठी पूजन तक बंधी रहेगी। पालना में कृष्ण-बलराम को झुलाया गया। इस अवसर पर हुई दघिकंधा लीला में भक्तों में दधिकांधा (दही, हल्दी और केसर का मिश्रण) लेने के लिए होड़ मच गई। सेवायतों ने जी भर कर खिलौने, टाफियां, वस्त्र लुटाए और फरुआ व पंजीरी का प्रसाद बांटा।