Janmashtami 2026: चांदी के सिंहासन पर पीली पोशाक में दिए दर्शन, बांकेबिहारी मंदिर में हुई वर्ष में एक बार की मंगला आरती
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में वर्ष में एक बार होने वाली मंगला आरती धूमधाम से हुई। ठाकुरजी ...और पढ़ें

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर बांकेबिहारी मंदिर में हुई वर्ष में एक बार की मंगला आरती
HighLights
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती हुई
ठाकुरजी ने चांदी के सिंहासन पर पीली पोशाक में दर्शन दिए
मंगला आरती के लिए 700 भक्तों को ही प्रवेश मिला
संवाद सहयोगी, वृंदावन। चांदी के सिंहासन पर बेशकीमती पीले रंग की पोशाक, स्वर्ण रजत, हीरे मोती का श्रृंगार कर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की आकर्षक झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु सुधबुध खो बैठे थे कि फिर शुरू हुई वर्षभर में एक बार होने वाली आरती। चांदी की आरती से जैसे ही सेवा अधिकारी ने मंगला आरती शुरू की भक्तों के जयकारे से वातावरण गूंज उठा। भक्तों के स्वर वातावरण में गूंजने लगे बांकेबिहारी तेरी आरती गाऊं...।
सेवायतों ने किया महाभिषेक
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर रात 12 बजे ठाकुर बांकेबिहारी का सेवायतों ने सवा मन दूध, दही, घी, शर्करा, शहद, जड़ीबूटियां से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महाभिषेक किया। इसके बाद ठाकुरजी को मंदिर के जगमोहन में चांदी के सिंहासन पर विराजित किया। पीले रंग की बेशकीमती पोशाक और स्वर्ण रजत श्रृंगार में दर्शन देते ठाकुरजी की सेवा अधिकारी डॉ फ्रेंकी गोस्वामी ने मंगला आरती शुरू की तो भक्तों में उल्लास छा गया।
साल में एक बार होती है मंगला आरती
वर्षभर में एक ही बार होने वाली इस मंगला आरती दर्शन के देश दुनिया में फैले बांकेबिहारी के भक्तों को इंतजार रहता है। शनिवार की भोर में जैसे ही घड़ी की सुई एक बजकर 55 मिनट पर पहुंचे सेवा अधिकारी ने मंगला आरती शुरू कर दी।

मंगला आरती में पहुंचे श्रद्धालु।
700 लोगों को मिला प्रवेश
बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती दर्शन को मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने पुख्ता इंतजाम किए थे। मंगला आरती में केवल 700 व्यक्तियों को ही प्रांगण में एंट्री पास के जरिए ही मिली। मंदिर में मौजूद श्रद्धालु मंगला आरती के दौरान आस्था के समंदर में डूबे नजर आए। जबकि मंदिर के बाहर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने स्क्रीन पर लाइव स्ट्रीमिंग से दर्शन कर संतुष्ट होना पड़ा। मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं को आराध्य बांकेबिहारीजी के दर्शन का लाभ मिल सका।
