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यूपी की पहली मल्टी यूनिट बनेगी छाता चीनी मिल, एथेनॉल उत्पादन से 1 लाख किसानों को मिलेगा लाभ; दूसरी बार गन्ना मंत्री ने किया दावा

Published: Sun, 06 Sep 2026 02:52 PM (IST)

गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने मथुरा की छाता चीनी मिल को मल्टी यूनिट प्लांट के रूप में शुरू ...और पढ़ें

पत्रकाराें को चीनी मिल संचालन के बारे में जानकारी देते गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण (बाएं से दूसरे)। साथ में विधायक द्वय ठाकुर मेघश्याम, पूरन प्रकाश व डीएम सीपी सिंह। फोटो सौ. सूचना विभाग

पत्रकाराें को चीनी मिल संचालन के बारे में जानकारी देते गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण (बाएं से दूसरे)। साथ में विधायक द्वय ठाकुर मेघश्याम, पूरन प्रकाश व डीएम सीपी सिंह। फोटो सौ. सूचना विभाग

HighLights

  1. छाता चीनी मिल 17 साल बाद मल्टी यूनिट प्लांट बनेगी

  2. पहले चरण में एथेनॉल प्लांट, फिर चीनी मिल का विस्तार

  3. एक लाख से अधिक किसानों को मिलेगा रोजगार और लाभ

जागरण संवाददाता, मथुरा। करीब 17 वर्षों से बंद छाता की चीनी मिल शुरू कराने को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच फिर दूसरी बार गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सामने आए। पहले सितंबर में चीनी मिल का शिलान्यास सीएम से कराने का दावा करने वाले मंत्री ने अब सितंबर अंत और अक्टूबर में शिलान्यास का अब फिर दावा किया है।

चीनी मिल मल्टी यूनिट प्लांट के रूप में तीन चरणों में बनेगी। पहले चरण में गन्ने, मक्का व धान से एथेनाल निकालने का प्लांट बनेगा। फिर चीनी मिल शुरू होगी।

मिल शुरू कराने को चल रहे धरने के दौरान दूसरी बार मीडिया के सामने आए चीनी मिल मंत्री

चीनी मिल शुरू कराने के लिए छाता में तीन सप्ताह से धरना प्रदर्शन चल रहा है। धरना शुरू होने के बाद चौधरी लक्ष्मी नारायण ने पत्रकारों से वार्ता कर कहा कि सितंबर में चीनी मिल का शिलान्यास सीएम से कराएंगे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सीएम योगी आदित्यनाथ आए, लेकिन चीनी मिल का शिलान्यास नहीं हुआ।

सीएम के दौरे के ठीक बाद मंत्री ने की पत्रकार वार्ता

सीएम के दौरे के ठीक एक दिन बाद गन्ना मंत्री ने जिला प्रशासन और विधायकों के साथ शनिवार को पत्रकारों से वार्ता की। धरनास्थल से करीब 35 किमी दूर कलक्ट्रेट सभागार में कहा कि सीएम ने चीनी मिल स्थापना का आश्वासन दिया है। सितंबर अंत या अक्टूबर में मुहूर्त देख शिलान्यास होगा। पहले चरण में यहां पर 120 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलपीडी) क्षमता का एथेनाल प्लांट बनाया जाएगा।

बोले, तीन चरणों में होगा काम, चीनी के साथ होगा एथेनाल व बिजली का उत्पादन

चीनी मिल तो गन्ने के सीजन में केवल पांच माह चलती है, लेकिन प्लांट वर्ष में 330 दिन चलेगा। यहां 3.69 करोड़ लीटर एथेनाल का उत्पादन प्रति वर्ष किया जाएगा। 200 से 250 करोड़ रुपये की लागत से प्लांट का विस्तार होगा। एक लाख से अधिक किसानों को लाभ और रोजगार मिलेगा। दूसरे चरण में छह माह में चीनी मिल के प्लांट को भी बड़ा रूप दिया जाएगा। तीसरे चरण में चीनी मिल में को-जनरेशन प्लांट स्थापित कर बायोमास से बिजली का उत्पादन किया जाएगा।

प्रदेश की पहली मिल होगी, जिसमें तीनों प्लांट होंगे। विधायक पूरन प्रकाश, विधायक ठा. मेघश्याम सिंह, डीएम सीपी सिंह व एसएसपी श्लोक कुमार मौजूद रहे।

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धरनाकर्मियों से मांगा सहयोग

गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री ने कहा कि किसानों में चीनी मिल को लेकर भ्रम फैलाया गया है। सरकार चीनी मिल को प्रारंभ कराना चाहती है। पैसे भी जारी किए। छह बार विज्ञापन के माध्यम से टेंडर निकाला, लेकिन किसी ने टेंडर के लिए आवेदन नहीं किया। धरनारत लोगों से सहयोग मांगा।

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