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बांकेबिहारी के लिए 20 कारीगरों ने 12 घंटे में बनाया 'पाग केक', इन स्पेशल व्यंजन से किया गया तैयार

Published: Fri, 04 Sep 2026 11:04 PM (IST)

वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर मंगला आरती के दौरान 31 किलो का विशेष 'पाग केक' अर्पित ...और पढ़ें

ब्रज रसायनम द्वारा बांके बिहारी मंदिर के लिए जन्माष्टमी पर तैयार किया गया केक।

ब्रज रसायनम द्वारा बांके बिहारी मंदिर के लिए जन्माष्टमी पर तैयार किया गया केक।

HighLights

  1. बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर मंगला आरती होगी।

  2. ठाकुरजी को 31 किलो का विशेष 'पाग केक' अर्पित किया जाएगा।

  3. आगरा के 20 कारीगरों ने 12 घंटे में केक तैयार किया।

संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर वर्ष में एक बार होने वाली मंगला आरती के लिए शुक्रवार शाम से ही श्रद्धालुओं ने डेरा दिया। रात 1.55 बजे होने वाली मंगला आरती के दौरान करीब सात सौ श्रद्धालुओं को पास से प्रवेश दिया जाएगा।

इस वर्ष ठाकुर जी के लिए आगरा में 31 किलो का पाग केक तैयार किया गया है। महाभिषेक के दौरान ड्राईफ्रूट, चाकलेट व जैली से आगरा के नामचीन हलवाई द्वारा केक काटा नहीं जाएगा, ठाकुर जी को सीधे अर्पित किया जाएगा।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर रात 12 बजे ठाकुरजी का पंचगव्य से अभिषेक करने करने के बाद वर्ष में एक बार होने वाली मंगला आरती 1.55 पर होगी। मंगला आरती के दौरान ठाकुरजी को छप्पन प्रकार के व्यंजन भोग में परोसे जाएंगे। इसके साथ ही ठाकुरजी को 31 किलो का पाग केक भी अर्पित किया जाएगा।

यह आगरा के शाह मार्केट के मिठाई विक्रेता ब्रज रसायनम द्वारा पाग, ड्राई फ्रूट, चाकलेट, जैली, शुगर क्यूब से तैयार किया गया। केक को 20 लोगों की टीम ने 12 घंटे की मेहनत से तैयार किया।

इसके साथ ही 56 भोग और 56 तरह की काजू कतली भी आगरा में बनाई गई, जो शाम को मंदिर पहुंचा दी गई। मिठाई विक्रेता ने ठाकुरजी के महल का तीन मंजिल का केक तैयार किया है। इसमें सबसे ऊपर ठाकुर जी विराजमान थे और नीचे पार्किंग बनाई गई थी।

महल में मोर, पेड़, फूल, हाथी, गाय आदि भी बनाए गए। केक बनाने के लिए मेवा और मिगी के पाग का इस्तेमाल किया गया। चॉकलेट से गमले, बादाम से पेड़ों के तने, काजू व बादाम से मक्खन की मटकी, शुगर क्यूब और ड्राई फ्रूट से फूल बनाए गए। जैली से सीढ़ियां बनाई गईं। व्हाइट चाकलेट को मक्खन का स्वरूप दिया गया।

मिठाई विक्रेता उमेश गुप्ता ने बताया उन्हें मंदिर ट्रस्ट ने आर्डर दिया था। इसके साथ ही बांकेबिहारी मंदिर के लिए 56 भोग और 56 तरह की काजू कतली बनाने का सौभाग्य मिला है।

ठाकुर बांकेबिहारीजी मंदिर में केक काटने की कोई परंपरा नहीं है। ये वास्तव में केक नहीं है पाग है, जो ठाकुरजी के प्राकट्योत्सव पर हमेशा भोग में अर्पित किया जाता है। मंदिर में केक नहीं कटेगा। -डॉ. फ्रेंकी गोस्वामी, सेवाधिकारी, मंगला आरती।

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