महोबा में रेप के दोषी को 10 साल की जेल, साढ़े चार साल पहले दुष्कर्म पीड़िता ने की थी खुदकुशी
महोबा में दुष्कर्म और अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी से आहत किशोरी की आत्महत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी प्रेमकुमार को 10 साल के सश्रम कारावास और 15 ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, महोबा। दुष्कर्म के बाद युवक ने किशोरी की अश्लील फोटो प्रचलित करने की धमकी दी। इससे आहत होकर उसने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी थी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय विशेष न्यायाधीश, पाक्सो अधिनियम/अपर सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान ने दोषी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 15 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि घटना 2022 की है। शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम शाहपहाड़ी निवासी युवक ने पुलिस तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि उसकी 15 वर्षीय छोटी बहन को गांव का ही प्रेमकुमार पिछले दो से तीन माह से छेड़छाड़ और अश्लील बातें करके परेशान करता था। लेकिन बदनामी की डर से उसने यह बात किसी को नहीं बताई।
घटना के तीन से चार दिन पहले प्रेमकुमार ने बहन को धमकी देकर किसी बहाने से घर बुला लिया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। उसकी अश्लील फोटो लेकर प्रचलित करने की धमकी दी। इससे वह काफी डर गई और पूछने पर 16 फरवरी 2022 को सारी बात बताई।
उसे समझाया गया कि सुबह पुलिस से शिकायत करेंगे। लेकिन अगले दिन सुबह करीब छह बजे उसने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। 17 फरवरी को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय विशेष न्यायाधीश, पाक्सो अधिनियम/अपर सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान ने अपना फैसला सुनाया।
विशेष लाेक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि दोषी प्रेमकुमार को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 15 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। जुर्माना की अदायगी न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।