लखनऊ के पान दरीबा से पकड़ी गई उज्बेकिस्तान की महिला, वीजा-पासपोर्ट नहीं मिलने पर भेजी गई जेल
लखनऊ के पान दरीबा में पुलिस ने एक उज्बेकिस्तानी महिला को बिना वैध वीजा-पासपोर्ट के गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने गलत नाम बताया था, जिसके बाद जांच ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
पान दरीबा में उज्बेकिस्तानी महिला गिरफ्तार।
वैध वीजा-पासपोर्ट न होने पर कार्रवाई।
गलत नाम बताने पर जांच के बाद जेल।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। पान दरीबा में एक महीने पहले गश्त के दौरान पुलिस ने उज्बेकिस्तानी मूल की 32 वर्षीय महिला को पकड़ा। पूछताछ में वह नाका पुलिस को न तो पासपोर्ट दिखा सकी और न ही वैध वीजा प्रस्तुत किया। अपना नाम भी गलत बताया। पुलिस, एलआईयू और एफआरआरओ की मदद से जांच की तो महिला का असली नाम पता चला। चौकी इंचार्ज की तहरीर पर वीजा और पासपोर्ट अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है।
नाका इंस्पेक्टर ने बताया कि 21 मार्च की देर रात पान दरीबा इलाके में एक महिला खड़ी थी। कुछ राहगीर उससे बात करते और आगे बढ़ते दिखे। पुलिस ने गतिविधियां संदिग्ध देख महिला सिपाही को बुलाया और उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने खुद को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद के एंडिजन शहर निवासी मुबीना बताया। पुलिसकर्मियों ने उससे पासपोर्ट और वीजा मांगा तो वह कुछ भी नहीं दिखा सकी।
उसके पास से मोबाइल या कोई अन्य दस्तावेज भी नहीं मिले। पूछने पर महिला ने कोई जानकारी नहीं दी। स्थानीय पुलिस ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) और स्थानीय इंटेलिजेंस से सम्पर्क किया। महिला को एफआरआरओ ले जाया गया तो उसने वहां भी पुरानी बातें ही दोहराई। जांच टीम ने उसकी फोटो, फिंगरप्रिंट लेकर दूतावास को जानकारी दी लेकिन वहां से स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। एफआरआरओ में एमिग्रेशन के दौरान आंखों की रेटिना स्कैन कराई गई।
रेटिना स्कैन करने पर पता चला कि वह उज्बेकिस्तान के एक्सोरजम स्थित खिवा की रहने वाले खुजेवा जियोदा है। हालांकि, मिलान में उसके नाम से फोटो नहीं मैच हुई। दूतावास से भी महिला के बारे में सही रिकार्ड नहीं मिल पाया। दारोगा नीरज की तहरीर पर महिला के खिलाफ नाका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि महिला को जेल भेजा गया है।
वन स्टाप सेंटर और मोती नगर में रखवाकर की जांच
महिला को जांच के दौरान पुलिस ने लोकबंधु अस्पताल परिसर में बने वन स्टाप सेंटर और मोती नगर स्थित नारी निकेतन में रखा। शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत कर उसे जेल भेजा गया है।
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किसी को नहीं पता कब और क्यों आई थी भारत
विस्तृत पूछताछ में महिला ने यह नहीं बताया कि वह भारत क्यों आई थी, यहां कहां रुकी थी और क्या काम करती थी। उसका कोई साथी भी अभी तक सामने नहीं आया। डीसीपी ने बताया कि दूतावास के अधिकारियों को बुलाकर उनकी मदद से जानकारी जुटाएगी। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी छानबीन कर रही है।