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लखनऊ में गुजरात के वलसाड की तर्ज पर बनेगा पहला सरकारी स्नेक वेनम सेंटर, सांपों के जहर पर होगी रिसर्च

Updated: Wed, 12 Aug 2026 07:47 PM (IST)

राजधानी लखनऊ में गुजरात की तर्ज पर पहला सरकारी 'स्नेक वेनम एक्सट्रैक्शन सेंटर' स्थापित होगा,

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

HighLights

  1. लखनऊ में गुजरात मॉडल पर पहला सरकारी स्नेक वेनम केंद्र स्थापित।

  2. सांप काटने से होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने का प्रमुख उद्देश्य।

  3. स्थानीय एंटी-वेनम विकास हेतु विष पर शोध का महत्वपूर्ण केंद्र।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सांप के काटने से होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने और एंटी-वेनम के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी लखनऊ में गुजरात की तर्ज पर पहला सरकारी 'स्नेक वेनम एक्सट्रैक्शन सेंटर' स्थापित किया जाएगा।

केंद्र को महज सांपों का विष निकालने तक सीमित न रखते हुए इसे सर्प विष पर शोध, विष की क्षेत्रीय विविधता के अध्ययन और भविष्य में स्थानीय जरूरत के अनुरूप एंटी-वेनम विकसित करने के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। यह सेंटर लखनऊ के चिड़ियाघर या फिर कुकरैल में बनाए जाने पर विचार चल रहा है।

इस सेंटर की स्थापना से पहले वन एवं वन्यजीव विभाग के चार अधिकारियों का उच्चस्तरीय दल 20 अगस्त को गुजरात के वलसाड स्थित स्नेक वेनम सेंटर का दौरा करेगा। दल वहां सर्प विष के निष्कर्षण, उसके सुरक्षित संग्रह, वैज्ञानिक परीक्षण, शोध और इससे जुड़े संस्थागत ढांचे का अध्ययन करेगा।

वन निगम करेगा संचालन

यहां दौरा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि गुजरात का यह केंद्र भी सरकारी है। इसी आधार पर लखनऊ में भी सरकारी स्नेक वेनम सेंटर के प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा। यहां भी इसका संचालन वन निगम करेगा।

खास बात यह है कि अलग-अलग क्षेत्रों में पाए जाने वाले सांपों के विष में अंतर होता है। इसलिए स्थानीय प्रजातियों के विष पर अध्ययन भविष्य में क्षेत्र विशेष के लिए अधिक प्रभावी एंटी-वेनम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। केंद्र का मुख्य फोकस प्रदेश में पाई जाने वाली प्रमुख विषैली सर्प प्रजातियों के विष पर रहेगा।

यहां विष की प्रकृति, उसकी विषाक्तता और अलग-अलग प्रजातियों के विष में मौजूद जैविक घटकों का अध्ययन किया जा सकेगा। इससे सर्पदंश के उपचार से जुड़े शोध को भी नया आधार मिलेगा।

वर्तमान में प्रदेश में सांपों का विष निकालने के लिए बाराबंकी में निजी क्षेत्र का एक केंद्र संचालित है। सर्प विष के निष्कर्षण के साथ वन्यजीव संरक्षण कानूनों का पालन भी केंद्र की कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा होगा।

बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति सांपों को पकड़ना, रखना या उनसे विष निकालना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। इसलिए प्रस्तावित केंद्र में सर्पों के संरक्षण, उनके सुरक्षित रखरखाव और विष निष्कर्षण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल और वैधानिक अनुमति के तहत संचालित की जाएगी।

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