यूपी में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बिकेंगी समूह की दीदियों के हाथ से बनी राखियां, इन जिलों में हो रही तैयार
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस रक्षाबंधन पर अपनी बनाई राखियां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेचेंगी। यह पह ...और पढ़ें

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बिकेंगी समूह की दीदियों की राखियां। AI जेनरेटेड फोटो
HighLights
यूपीएसआरएलएम की महिला समूह बना रही हैं आकर्षक राखियां।
इस बार राखियां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बिकेंगी।
ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिलेगा व्यापक बाजार और आय।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। रक्षाबंधन पर्व पर बाजार में इस बार भी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं द्वारा बनाई गई राखियां नजर आएंगी।
प्रयागराज, वाराणसी, बागपत, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, उन्नाव, शामली, जौनपुर और मीरजापुर आदि जिलों के महिला समूह राखियां तैयार कर रहे हैं और स्थानीय बाजारों में इनकी मांग पूर्व वर्षों में भी रही है। इस बार मिशन की ओर से इनको आनलाइन प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
पिछले कई वर्ष से महिला समूहों द्वारा रक्षाबंधन पर्व के लिए राखियां तैयार की जाती हैं। इस बार भी सूती धागे, रेशम, मोती, जरी, कुंदन, लकड़ी, कपड़े , अनाज एवं अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों से पारंपरिक, आधुनिक, बच्चों एवं थीम आधारित विभिन्न प्रकार की आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। इन राखियों में ग्रामीण संस्कृति, भारतीय परंपरा एवं महिलाओं की। सृजनात्मकता की झलक देखने को मिलती है।
यूपीएसआरएलएम निदेशक अरुण कुमार के अनुसार मिशन द्वारा स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता संवर्धन व डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण महिला उद्यमियों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।
इस बार राखियों को अमेजन, फ्लिपकार्ट, ई-सरस जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास हाे रहा है, जिससे उनका उत्पाद देशभर के ग्राहकों तक पहुंच सके।
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