यूपी में अपार आईडी बनाने में सुस्त विद्यालयों पर बढ़ी सख्ती, कई स्कूलों में दहाई तक नहीं पहुंची संख्या
उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर सख्ती बढ़ गई है। कई जिलों में प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस ...और पढ़ें

अपार आईडी बनाने में सुस्त विद्यालयों पर बढ़ी सख्ती।
HighLights
अपार आईडी बनाने में लापरवाही पर स्कूलों पर सख्ती।
हरदोई, लखीमपुर खीरी में प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी।
जन्म प्रमाणपत्र के अभाव में आईडी बनाने में दिक्कत।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने में लापरवाही अब स्कूलों पर भारी पड़ सकती है। यू-डायस प्लस रिपोर्ट में कई परिषदीय विद्यालयों में अपार आईडी बनाने का काम अधूरा मिला है। कुछ स्कूलों में तो आईडी की संख्या दहाई तक भी नहीं पहुंची।
इसे गंभीरता से लेते हुए हरदोई, लखीमपुर खीरी समेत कई जिलों में प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज अध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है।
राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा ने सत्र 2026-27 में सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने के लिए 30 जून तक का लक्ष्य दिया था। इसके बावजूद कई स्कूलों में काम पूरा नहीं हो सका। विभाग ने अब सभी पात्र विद्यार्थियों की आईडी शत-प्रतिशत बनाने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालय संचालकों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र नहीं होने की समस्या सामने आ रही है। जन्म प्रमाणपत्र के अभाव में आधार नहीं बन पा रहा और आधार के बिना अपार आईडी बनाने में भी दिक्कत है।
प्रधानाध्यापकों का कहना है कि गांव स्तर पर सचिव को जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की जिम्मेदारी देने से समस्या दूर हो सकती है। कुछ निजी स्कूलों में भी अपार आईडी की संख्या काफी कम है।
छह मई की भारत सरकार की समीक्षा बैठक में यू-डायस प्लस 2026-27 में सभी विद्यार्थियों के आधार नंबर दर्ज करने और लंबित अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए गए थे।
पढ़ाई का पूरा रिकॉर्ड रहेगा सुरक्षित
अपार आईडी 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है। इससे विद्यार्थी की पढ़ाई, उपलब्धियों और अकादमिक रिकॉर्ड को आगे ट्रैक किया जा सकेगा। डिजिलाकर के जरिये शैक्षिक प्रमाणपत्र सत्यापित तरीके से मिल सकेंगे।
इससे स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ने और ड्रापआउट कम करने में भी मदद मिलेगी। अपार आईडी यू-डायस के जरिये बनती है, इसलिए विद्यार्थियों का सही विवरण दर्ज करना और आधार सत्यापन करना जरूरी है।