यूपी में नदियों का तांडव: खतरे के निशान से ऊपर गंगा-सरयू, चित्रकूट में 691 मकान ढहे
उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट गहरा गया है, सरयू और गंगा कई स्थानों पर ...और पढ़ें

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HighLights
सरयू और गंगा कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
चित्रकूट में 691 मकान क्षतिग्रस्त, गोंडा में 23 हजार लोग प्रभावित।
झांसी में बेतवा नदी में नाव पलटने से दो सगे भाई डूबे।
जागरण टीम, लखनऊ। प्रदेश में नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का संकट मंगलवार को भी बना रहा। पूर्वांचल में सरयू उफान पर है, जबकि गंगा का पानी ज्यादातर क्षेत्रों में धीरे-धीरे घट रहा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में हो रही बारिश से चंबल और बेतवा नदियों में बढ़े पानी का असर यमुना पर भी पड़ा है, जिससे प्रयागराज में यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है।
आजमगढ़ में सरयू बदरहुआ नाला पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर से 24 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। संपर्क मार्ग डूबने से आवागमन प्रभावित है और प्रशासन ने पांच नावें लगाई हैं। गिरिजा, सरयू और शारदा बैराज से 3.59 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। मऊ में भी सरयू खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और पानी आबादी की ओर बढ़ने लगा है।
जलस्तर बढ़ने की आशंका
बलिया में सरयू 61 सेंटीमीटर ऊपर है। उधर, बलिया में गंगा खतरे के निशान से 1.925 मीटर ऊपर होने के बावजूद घट रही है। मीरजापुर में गंगा करीब एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की गति से घट रही है। गाजीपुर में भी जलस्तर में कमी है। वाराणसी में गंगा 69.22 मीटर पर रही। प्रयागराज में चंबल और बेतवा के पानी से यमुना का जलस्तर बढ़कर 81.42 मीटर पहुंच गया। फाफामऊ में गंगा 81.83 मीटर दर्ज हुई। गंगा के घटने की रफ्तार धीमी पड़ने से आने वाले दिनों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
सीतापुर में रामपुर मथुरा मार्ग का रपटा पुल डूब गया, जिससे करीब दो लाख आबादी प्रभावित हुई है। गोंडा में 12 ग्राम पंचायतों के 60 मजरे और करीब 23 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं। दत्तनगर मार्ग कट गया है और 122 नावें लगाई गई हैं। कई स्कूलों में पानी भरने से पढ़ाई प्रभावित है। दत्तनगर में घड़ियाल मिलने से ग्रामीणों में भय है। फर्रुखाबाद में गंगा के बढ़ते जलस्तर से 120 गांव प्रभावित हैं। कटान में पांच और मकान समा गए। चित्रकूट में बाढ़ और बारिश से 691 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
बेतवा में नाव पलटने से दो भाई डूबे
झांसी के बरुआसागर क्षेत्र में मंगलवार सुबह बेतवा नदी में नाव पलटने से दो सगे भाई डूब गए। राजू रायकवार नदी में मछली शिकार का ठेका लिए हैं। रोज की तरह वह अपने दोनों बेटों 28 वर्षीय महेन्द्र रायकवार और 21 वर्षीय मनीष रायकवार के साथ नदी में यह देखने गए थे कि कहीं कोई मछली का अवैध तरीके से शिकार तो नहीं कर रहा है। लौटते समय तेज बहाव में नाव पत्थर से टकराकर पलट गई।
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दोनों भाई गहरे पानी में समा गए। पिता उन्हें बचाने के लिए चीखते रहे, लेकिन तेज धार के आगे बेबस रहे। फतेहपुर पीएसी की फ्लड टीम ने स्टीमर से घंटों तलाश की, लेकिन देर शाम तक दोनों का सुराग नहीं मिला। उधर, कानपुर देहात में पांडु नदी का पानी घरों तक पहुंचा और दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई।
