यूपी में MBBS-BDS में एडमिशन के बाद सीट छोड़ने वाले स्टूडेंट काउंसलिंग में बैन, अब नहीं मिलेगा दूसरा मौका
उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस की सीटें छोड़ने वाले 20 छात्रों और प्रवेश न लेने वाले 51 छात्रों पर कार्रवाई हुई है। इनकी धरोहर राशि जब्त कर 2026- ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
एमबीबीएस-बीडीएस की सीटें छोड़ने वाले छात्रों पर कार्रवाई।
धरोहर राशि जब्त, 2026-27 काउंसलिंग में प्रतिबंध।
कुल 71 छात्रों को अगले सत्र में प्रवेश से रोका।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के मेडिकल कालेजों में प्रवेश के बाद 20 छात्रों ने सीट छोड़ दी थी। इसमें एमबीबीएस के 13 और बीडीएस के सात छात्र थे। जबकि सीट आवंटित होने के बाद एमबीबीएस के 38 और बीडीएस के 13 छात्रों ने प्रवेश ही नहीं लिया था। इन छात्रों की धरोहर राशि जब्त करने के साथ ही वर्ष 2026-27 के शैक्षिक सत्र की काउंसिलिंग में इनके हिस्सा लेने पर रोक लगा दी गयी है।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-2025 की काउंसिलिंग के जरिये निजी, राजकीय मेडिकल कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के बाद एमबीबीएस के 13 छात्रों ने सीटें छोड़ दी थीं। इनमें बाबा राघवदास मेडिकल कालेज की भी एक सीट थी। इनके अतिरिक्त बीडीएस के सात छात्रों ने प्रवेश के बाद सीटें छोड़ी थी।
पंजीयन पर लगाई रोक
इसी तरह स्ट्रे वैकेंसी राउंड ( काउंसिलिंग के सभी चक्रों के बाद रिक्त सीटों के लिए मौका) के जरिये एमबीबीएस और बीडीएस की सीट लाक करने के बाद प्रवेश ही नहीं लिया। इनकी धरोहर राशि जब्त करने के साथ वर्ष 2026-27 के लिए गुरुवार से शुरू हुई काउंसिलिंग में पंजीयन पर रोक लगा दी गयी है।
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चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक नेहा शर्मा ने बताया कि कुछ छात्रों का चयन दूसरे राज्यों में हो जाता है, कई छात्र पसंदीदा कालेज नहीं मिलने पर सीट छोड़ते हैं। उनका कहना है कि इस सत्र में काउंसिलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे छात्रों को उन्हीं कालेजों की सीटें लाक कर चाहिए, जिसमें प्रवेश के लिए वह तैयार हैं।