उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच बिजली की मांग में उछाल, टूटा 2024 का रिकॉर्ड
Power Demand Record Increased in UP: पिछले वर्ष 19 मई को बिजली की मांग 28,885 मेगावाट थी जबकि वर्ष 2024 में 27,578 मेगावाट तक ही मांग पहुंची थी। ...और पढ़ें

इस तस्वीर को प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए AI से जनरेट किया गया है।
HighLights
पिछले वर्ष 19 मई को थी 28,885 की मांग, अबकी 30,160 मेगावाट
प्रतिदिन औसत बिजली की खपत भी पहुंची 636 मिलियन यूनिट तक
मांग बढ़ने के साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में आपूर्ति बाधित
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में गरमी चरम पर होने के कारण तेजी से पारा चढ़ने के साथ ही प्रदेश में बिजली की मांग भी लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य में मंगलवार को पहली बार 30 हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली की अधिकतम मांग पहुंच गई।
इसके एक दिन पहले जहां बिजली की मांग 29,330 मेगावाट थी वहीं अब 30,160 हो गई। पिछले वर्ष 19 मई को बिजली की मांग 28,885 मेगावाट थी जबकि वर्ष 2024 में 27,578 मेगावाट तक ही मांग पहुंची थी।
मांग बढ़ने के साथ ही प्रतिदिन बिजली की औसतन खपत भी 636 मिलियन यूनिट(एमयू) तक पहुंच चुकी है। इसी कारण से सुबह से ही तापमान बढ़ने से बिजली की मांग 24 घंटे में कभी भी 22,910 मेगावाट से नीचे नहीं जा रही है। बिजली की अधिकतम मांग के मामले में अब प्रदेश, महाराष्ट्र से थोड़ा ही पीछे है। महाराष्ट्र में 31,858 मेगावाट बिजली की मांग रही है।

इस इंफोग्राफिक्स को AI से बनाया गया है।
जिस तरह से गर्मी बढ़ रही है उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मई में ही प्रदेश में बिजली की मांग 31 हजार मेगावाट को भी पार कर जाएगी। अभी कहीं भी मानसून न आने से देश के दूसरे राज्यों में भी बिजली की मांग बढ़ी हुई है।
प्रमुख राज्यों में बिजली की मांग देखी जाए तो गुजरात में 24,982 मेगावाट, तमिलनाडु में 18,405, राजस्थान में 15,789, बंगाल में 13,169 मेगावाट, पंजाब 13,949 मेगावाट व मध्यप्रदेश में 15,038 मेगावाट है।
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