लखनऊ NRHM घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, पूर्व विधायक से जुड़ी कंपनियों का मांगा रिकॉर्ड
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमएससीएल) से पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव से जुड़ी सात से अधिक कंपनियों के रिकॉर्ड मांगे हैं।

ईडी ने पूर्व विधायक से जुड़ी कंपनियों का मांगा रिकॉर्ड।
HighLights
ईडी ने यूपीएमएससीएल से पूर्व विधायक की कंपनियों का रिकॉर्ड मांगा।
एनआरएचएम घोटाले में 2014-2019 के बीच आपूर्ति की जांच।
पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव पर कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमएससीएल) से पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव से जुड़ी सात से अधिक कंपनियों की रिकॉर्ड मांगा है। इन कंपनियों द्वारा वर्ष 2024 से 2019 के बीच देवीपाटन सहित विभिन्न मंडलों के राजकीय अस्पतालों के लिए दवाइयों व चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति की गई थी।
ईडी राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले की जांच कर रहा है। इस मामले में विजिलेंस ने पिछली 10 जून को आरोपित पूर्व विधायक को लखनऊ के वेब माल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद ईडी ने मामले की जांच शुरू की थी।
वर्ष 2014 से 2019 के बीच पूर्व विधायक से जुड़ी कई कंपनियों को राजकीय अस्पतालों के लिए दवाइयों व चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति का काम दिया गया था। पूर्व विधायक व उनके सहयोगियों ने मोटी कमीशनखोरी कर इन कंपनियों के भुगतान कराए थे।
इस मामले में ईडी ने पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. पवन कुुमार अरुण को भी पत्र भेजकर अस्पतालों को जारी किए गए फंड, चिकित्सा प्रतिपूर्ति व दवाओं का रिकार्ड मांगा था।
उक्त रिकार्ड का अध्ययन करने के बाद ईडी की टीम ने अब यूपीएमएससीएल से भी श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा व बहराइच के राजकीय अस्पतालों में की गई सामग्री की आपूर्ति से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।
एनआरएचएम घोटाले में यूपीएमएससीएल द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर ईडी ईडी ने जांच शुरू की है। अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि पूर्व विधायक व उनके सहयोगियों ने संबंधित कंपनियों के जरिए काली कमाई को ठिकाने लगाया है।
गौरतलब है कि अपने कार्यकाल में 2012 से 2017 के दौरान वैध आय एवं ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में पूर्व विधायक विजिलेंस की जांच का सामना कर रहे हैं।
वहीं, एनआरएचएम घोटाले में पूर्व विधायक व तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सहित कई अधिकारियों व कर्मचारियों को आरोपित बनाया गया है।
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