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जमीन के विवाद में चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या, पुलिस की हिरासत में चालक सहित छह

Published: Sun, 30 Aug 2026 06:22 PM (IST)Updated: Sun, 30 Aug 2026 09:31 PM (IST)

Lucknow Crime: उन्नाव के फतेहपुर चौरासी के राजेपुर के‌ रहने वाले धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या जमीन के विवाद में की गई।

HighLights

  1. कार चालक ने धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या के बाद शव नहर में फेंका, लखनऊ में मिला शव

    चालक ने शनिवार को किया था धीरेन्द्र प्रताप सिंह का अपहरण, फॉर्च्यूनर में ही मारी गोली


  2. धीरेन्द्र प्रताप सिंह को फॉर्च्यूनर में ही गोली मारी

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष व एक दल से जुड़े नेता उन्नाव निवासी धीरेन्द्र प्रताप सिंह का शव दुबग्गा क्षेत्र में मिला है। धीरेन्द्र प्रताप सिंह लखनऊ में सुशांत गोल्फ सिटी से शनिवार से लापता थे। करीब 50 करोड़ रुपये की एक जमीन को लेकर धीरेंद्र प्रताप सिंह का विवाद चल रहा था। अब पुलिस की टीम सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

भाजपा के बड़े नेताओं से संपर्क वाले धीरेन्द्र प्रताप को फॉर्च्यूनर के अंदर गोली मारी गई और फिर लाश नहर में फेंक दी गई। जमीन की रंजिश में हत्या की गई है। इस मामले में पुलिस ने उनके चालक के साथ ही पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस व एसटीएफ की टीमें उनसे पूछताछ कर रही हैं। 

मूल रूप से राजेपुर बांगरमऊ, उन्नाव निवासी व वर्तमान में सेक्टर 11 वृंदावन योजना पीजीआई के रहने वाले महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन राजेपुर उन्नाव के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह की उनके ही चालक ने साथियों के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को दुबग्गा में किसान पथ के पास नहर में फेंक दिया गया। पुलिस ने चालक रवि तिवारी व उसके साथी दिलीप समेत चार अन्य लोगों को हिरासत में लिया है।

शनिवार शाम पांच बजे अपहरण

पुलिस के अनुसार, पीजीआई क्षेत्र से शनिवार शाम करीब 5 बजे चालक रवि तिवारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर धीरेन्द्र प्रताप सिंह का अपहरण कर लिया था। इसके बाद गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को दुबग्गा क्षेत्र में नहर में फेंक दिया। धीरेन्द्र प्रताप अक्सर रात में देर से घर लौटते थे। शनिवार-रविवार की रात करीब एक बजे तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोगों ने फोन करना शुरू किया।

Dhirendra With Rajnath

परिवारीजन के मुताबिक फोन चालक रवि ने उठाया और बताया कि साहब सुशांत गोल्फ सिटी में फीनिक्स पलासियो मॉल में बैठे हैं। इसके बाद दोनों फोन स्विच ऑफ हो गए। अनहोनी की आशंका पर तलाश शुरू की गई। इसी बीच चालक रवि रात करीब 2:30 बजे खुद सुशांत गोल्फ सिटी थाने पहुंचा और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

चालक पर शक

थाने पहुंची धीरेन्द्र प्रताप की पत्नी ममता सिंह ने चालक पर शक जताया तो पुलिस ने चालक रवि तिवारी से पूछताछ की तो पहले वह टालमटोल करता रहा। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर धीरेन्द्र की हत्या कर शव दुबग्गा क्षेत्र में फेंकने की बात कबूल कर ली।

उसकी निशानदेही पर पुलिस किसान पथ के पास नहर पर पहुंची तो वहां शव पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ममता सिंह की तहरीर पर पहले दर्ज गुमशुदगी के मुकदमे को अपहरण और हत्या में बदल अन्य धाराएं बढ़ा दी हैं। 

माथे और सीने में लगी गोली

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर धीरेन्द्र प्रताप के माथे और सीने में एक-एक गोली लगी है। मौत का स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। धीरेन्द्र के साथ दो गनर तैनात हैं, इनमें से एक की तबीयत खराब थी और दूसरा अवकाश पर था। धीरेन्द्र प्रताप सिंह उन्नाव में कुलदीप सिंह सेंगर रेप केस में गवाह थे। इसी कारण धीरेंद्र प्रताप सिंह को सुरक्षा मिली थी।

छह टीमें और एसटीएफ कर रही जांच

इस मामले में पुलिस की छह टीमों के साथ ही एसटीएफ भी जांच में लगी है। डीसीपी साउथ मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि आरोपियों से की गई प्रारंभिक पूछताछ में उन्नाव की एक जमीन के विवाद और रुपये के लेन-देन की बात सामने आई है। हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद ही कारण माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

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