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लखनऊ के 2.24 लाख बिल्डिंग मालिकों को तोहफा, बकाया हाउस टैक्स पर मिलेगी छूट; कल से शुरू होगी OTS योजना

Updated: Fri, 14 Aug 2026 04:45 PM (IST)

लखनऊ नगर निगम 15 अगस्त से हाउस टैक्स के बकाएदारों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू कर रहा है। इस योजना के तहत भवन स्वामियों को ब्याज में शत-प्रतिशत छूट मिलेगी, जिससे 2.24 लाख बकाएदारों को राहत मिलेगी।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. 15 अगस्त से शुरू होगी हाउस टैक्स ओटीएस योजना।

  2. बकाएदारों को ब्याज में मिलेगी शत-प्रतिशत छूट।

  3. योजना में किस्तों में भुगतान की भी सुविधा उपलब्ध।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। हाउस टैक्स में एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) योजना कल पंद्रह अगस्त से चालू हो जाएगी। नगर निगम लंबे समय से बकाएदार चल रहे 2.24 लाख भवन स्वामियों के मोबाइल फोन पर मैसेज भेजेगा।

इस मैसेज में नगर निगम का लिंक भी होगा, जिसे खोलने पर ओटीएस से जुड़ी तमाम जानकारियां भी मिल जाएंगी। ओटीएस से ब्याज ही माफ हो पाएगा, जिसमे कई भवन स्वामियों के बिल में एक लाख से अधिक का ब्याज लगा है, जो माफ हो सकेगा, लेकिन एरियर से कोई राहत नहीं मिल सकेगी।

दरअसल जीआइएस सर्वे में 8.39 लाख भवन चिंहित किए गए थे लेकिन नगर निगम के अभिलेखों में अभी 7.70 लाख भवन ही दर्ज हैं, जिसमे से 2.47 लाख भवन स्वामियों को बकायेदार की सूची में रखा गया है। भवन स्वामियों का हाउस टैक्स इसलिए नहीं जमा हो पा रहा है, क्योंकि उनकी आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है या फिर भवन बंटवारे में फंसा है।

हाउस टैक्स के साथ मिलेगा सीवर और जलकर 

लंबे समय से यह मामले लटके हैं और नगर निगम की आय भी प्रभावित हो रही है। अधिकांश आपत्तियां जीआइएस से हुए हाउस टैक्स के निर्धारण को लेकर है, जिसमे कई गुना अधिक की गणना कर दी गई थी। एरिअर से लेकर ब्याज की रकम बढ़ने के कारण भी हाउस टैक्स जमा नहीं हो पा रहा था। ओटीएस का लाभ हाउस टैक्स के साथ ही सीवर और जलकर में भी मिलेगा।

नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि कल 15 अगस्त से 15 सितंबर तक एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) रहेगी, जिसमे ब्याज की छूट दी जाएगी। जिन भवन स्वामियों ने अपनी आपत्ति को दर्ज नहीं कराई है, वह संबंधित जोन कार्यालयों में आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। नगर निगम के अभिलेखों में 2,43,478 भवनों की आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।

इसमें सबसे अधिक भवन पुराने शहर से जुड़े जोन छह के हैं, जहां 62,511 भवन की आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। 58.23 करोड़ एरियर और 32.44 करोड़ ब्याज बाकी है। इसी तरह से सभी आठों जोन में 426.70 करोड़ एरियर और 223. 45 करोड़ ब्याज बाकी है। कुल मिलाकर 650.15 करोड़ का बकाया है।
योजना का लाभ ब्याज व सरचार्ज में शत प्रतिशत छूट मिलेगी।

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आवासीय, अनावासीय, मिश्रित (व्यक्तिगत, राज्यसरकार, स्वायतशासी निकाय, पब्लिक सेक्टर) भवनों पर होगी। ओटीएस का लाभ एक अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाए पर ही दिया जाएगा।

किस्तों में भी रहेगी भुगतान की सुविधा

ओटीएस का लाभ लेने वालों को भुगतान में किस्तों की भी सुविधा रहेगी। अवशेष बकाया अगर एक लाख है तो 1/3 भाग( योजना लागूृ होने की तिथि से तीस दिन तक) ,अवशेष 2/3 भाग मासिक किस्तों दो माह में जमा करना होगा। आवेदन आन लाइन और आफ लाइन होंगे। हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी। आवेदन पत्रों का निस्तारण पंद्रह दिनों में किया जाएगा।

आवेदन करने वाले आनलाइन या फिर नगर निगम के जोनल कार्यालयों में पत्र दे सकते हैं, जिससे उनके आवेदन पत्र की जांच उपरांत ओटीएस का लाभ दिया जाएगा। -अशोक सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी नगर निगम