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    दो माह की उम्र में गोद में उठाया था, 24 वर्ष बाद थाने में उसी बेटी को रोता देख छलके पिता के आंसू

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 01:28 PM (GMT+05:30)

    सुनील कुमार ने 24 साल पहले दो माह की बच्ची को गोद लिया था, जिसे उन्होंने अपनी सगी बेटी की तरह पाला। ...और पढ़ें

    सौतेली बेटी को थाने में रोता देख उसके तीन माह के बच्चे को सीने में लगाकर भावुक हो उठा पिता।

    सौतेली बेटी को थाने में रोता देख उसके तीन माह के बच्चे को सीने में लगाकर भावुक हो उठा पिता।

    HighLights

    1. सुनील ने 24 साल पहले दो माह की बच्ची को गोद लिया।

    2. अपनी बेटी की तरह पाला, कभी कोई फर्क नहीं किया।

    3. थाने में रोती बेटी को देख पिता का दिल भर आया।

    विनय तिवारी, लखनऊ। रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि प्यार और अपनापन से भी बनते हैं। इसका उदाहरण पीजीआइ क्षेत्र में सामने आया, जहां सुनील कुमार ने 24 वर्ष पहले दो माह की मासूम को गोद लिया था।

    दोनों बच्चियां हमउम्र हुईं, लेकिन सुनील और उनकी पत्नी ने कभी दोनों के बीच फर्क नहीं किया। दोनों को एक साथ पढ़ाया-लिखाया और हर खुशी में बराबर रखा। सुनील की अपनी बेटी भी कई बार मजाक में कहती थी- पापा, आप तो उन्हें मुझसे ज्यादा प्यार करते हैं।

    दरअसल, 24 वर्ष पहले सड़क हादसे में सुनील के एक रिश्तेदार की मौत हो गई थी। उस समय उनकी गोद में दो माह की बच्ची थी। परिवार मुकदमेबाजी और दूसरी परेशानियों से जूझ रहा था। ऐसे में सुनील और उनकी पत्नी ने बच्ची को अपनी जिम्मेदारी मानकर गोद ले लिया।

    इसके करीब दो महीने बाद उनकी अपनी बेटी का जन्म हुआ। दोनों बेटियां साथ बड़ी हुईं। सुनील का कहना है कि उनकी कोशिश हमेशा यही रही कि गोद ली हुई बेटी को कभी सौतेला होने का एहसास न हो। समय बीता और दोनों बेटियां बड़ी हो गईं।

    करीब डेढ़ वर्ष पहले सुनील ने गोद ली बेटी की धूमधाम से शादी की। तीन महीने पहले उसके घर बच्चे का जन्म हुआ। कुछ दिन से पति से विवाद के बाद वह अपने बच्चे को लेकर पीजीआइ थाने पहुंच गई। वहां बेटी फूट-फूटकर रो रही थी। उसे रोता देखकर सुनील खुद को रोक नहीं सके।

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    उन्होंने तुरंत नाती को गोद में उठाया और बेटी को समझाते हुए कहा कोई बात नहीं बेटी मैं दामाद को समझाऊंगा। सब ठीक हो जाएगा। 24 वर्ष पहले जिस बच्ची को उन्होंने दो माह की उम्र में गोद में उठाया था, उसी को थाने में इस तरह रोते देखकर पिता का कलेजा भर आया।

    सुनील कहते हैं मेरी अपनी बेटी और यह बेटी दोनों मेरी हैं। मैंने कभी दोनों में फर्क नहीं किया। आज इसे रोते देखा तो ऐसा लगा जैसे मेरा कलेजा फट गया। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य लोग भी पिता-बेटी का यह भावुक दृश्य देखकर भावुक हो गए।

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