594KM लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 3700 एकड़ में बनेंगे 11 औद्योगिक क्लस्टर, भूमि आवंटन शुरू
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कार्य तेज हो गया है। यूपीडा पहले चरण में 11 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लाजिस्टिक क्लस्टर स ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से पहले औद्योगिक क्षेत्रों का विकास तेज।

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे स्थापित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्रों में विकास के कार्य तेज कर दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा)गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे पहले चरण में 11 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लाजिस्टिक क्लस्टरों की स्थापना कर रहा है।
इसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। 29 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। यूपीडा की कोशिश है कि इससे पहले सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम पूरा करा लिया जाए।
औद्योगिक विकास भी होगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपीडा द्वारा राज्य भर में 27 आइएमएलसी स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 3707.19 एकड़ में 11 आइएमएलसी स्थापित किए जाने हैं। प्रदेश का सबसे लंबा 594 किलोमीटर का गंगा एक्सप्रेसवे उन्नाव, हरदोई, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, मेरठ, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमरोहा, बुलंदशहर, हापुड़ व प्रयागराज के 519 गावों से होकर गुजरेगा।
यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव पर समाप्त होगा। इस एक्सप्रेसवे का संचालन शुरू होने के बाद राज्य की कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। नतीजतन यूपीडा ने इसके लोकार्पण से पहले सभी स्थापित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य तेज कर दिया है।
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सड़क, बिजली के कार्य कराए जाने हैं
इन औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, पानी की निकासी, बिजली, रोजगार जोन, कामन सुविधा क्षेत्र, प्रदर्शनी स्थल, प्रशासनिक भवन के साथ चहारदीवारी के कार्य प्राधिकरण द्वारा कराए जाने हैं। यह सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ ही यूपीडा ने इन औद्योगिक क्षेत्रों में निवेशकों को भूमि आवंटन का कार्य भी शुरू कर दिया है।
खबरें और भी
कोशिश है कि औद्योगिक क्षेत्रों को जल्द से जल्द विकसित कर लिया जाए, जिससे स्थानीय युवकों को रोजगार उपलब्ध हो सके। वहीं यूपीडा ने संबंधित औद्योगिक क्षेत्रों को भविष्य में विस्तारित करने को लेकर और भूमि चिह्नित कर रहा है।