सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी केएमपी एक्सप्रेसवे पर अवैध ढाबे नहीं हटे, 7 साल बाद भी रेस्ट जोन का इंतजार
सुप्रीम कोर्ट ने केएमपी एक्सप्रेसवे पर अवैध ढाबों और हादसों पर कड़ा संज्ञान लिया है, 60 दिनों में इन्हें बंद करने का आदेश दिया। 2018 में उद्घाटन के बा ...और पढ़ें

केएमपी मार्ग पर अवैध रूप से संचालित ढाबे के पास खड़े वाहन। जागरण
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने केएमपी अवैध ढाबे 60 दिन में बंद करने को कहा।
केएमपी पर सुविधाओं की कमी, वाहन सड़क किनारे रुकने को मजबूर।
रेस्ट स्टॉप परियोजना चार साल से अधूरी, दो माह में मिलेगी।
शिशपाल सहरावत, तावड़ू। क्षेत्र की सीमा से गुजर रहे केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे पर आए दिन होने वाले हादसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 60 दिन के अंदर राष्ट्रीय राजमार्ग और केएमपी एक्सप्रेसवे पर जितने भी ढाबे अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं उन्हें बंद करने के आदेश दिए हैं।
मजबूरी में सड़क पर खड़े कर रहे वाहन
बता दें कि 19 नवंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6434 करोड़ रुपये की लागत से 135 किलोमीटर लंबे केएमपी एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। जिसे वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है। इस एक्सप्रेसवे को बने हुए सात वर्ष से अधिक समय हो गया लेकिन मूलभूत सुविधाएं यहां नहीं है। वाहन चालकों के लिए भोजन पानी की सुविधा नहीं होने के चलते मजबूरी में अपने वाहन सड़क के साथ खड़े करने पड़ रहे हैं।
चार साल बाद भी परियोजना है अधूरी
पिछले दिनों मार्च 2022 में एचएसआईआईडीसी (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन) ने दावा किया था कि धुलावट टूल प्लाजा से पहले मानेसर की तरफ साढ़े छह एकड़ में रेस्ट स्टाप बनाया जाएगा। इसमें वाहन पार्किंग के साथ वाहन चालकों और यात्रियों के लिए खाने-पीने,ठहरने,बैंकिंग सुविधा,मनोरंजन पार्क, होटल,मोटल,ढाबे सहित फ्यूल स्टेशन की सुविधा दी जाएगी। मगर चार वर्ष से अधिक समय हो गया यह प्रोजेक्ट भी सिरे नहीं चढ़ पाया।
"धुलावट केएमपी पर पुलिस पीसीआर की सुविधा उपलब्ध है,कोई भी घटना होते ही पुलिस तत्पर सहायता उपलब्ध कराती है। अपनी तरफ से यातायात नियमों की पालना हेतु भी निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और जो अवैध वाहन केएमपी पर खड़े किए जा रहे हैं उन पर भी सख्ती के लिए कड़े निर्देश दिए जाएंगे।"
-डाॅ. अर्पित जैन , पुलिस अधीक्षक, नूंह।
केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ आर्बिटल रेल परियोजना के चलते बीच में कुछ समस्या आ गई थी। लेकिन अब ढाई एकड़ भूमि रिलायंस कंपनी को दे दी है जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो गया है। अगले दो महीने के अंदर सवारियों और वाहन चालकों को सभी सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। उनका भी प्रयास है कि सड़क हादसों में कमी लाई जाए।
-प्रवीण बेनीवाल, प्रबंधक, केएमपी एवं कार्यकारी अभियंता एचएसआईआईडीसी।
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