जून से मंडलीय दौरे पर निकलेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ, विकास कार्यों की करेंगे समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जून से मंडलीय दौरे पर निकलकर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने जिलाधिकारियों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यय ...और पढ़ें

जून से मंडलीय दौरे पर निकलेंगे मुख्यमंत्री, विकास कार्यों की करेंगे समीक्षा

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जून से फील्ड में उतरकर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। बुधवार को लोक निर्माण विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए योगी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर एक सप्ताह भेजें।
जून के पहले सप्ताह में कार्ययोजना को शासन से स्वीकृति दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जून के पहले सप्ताह से वह मंडलीय दौरे पर निकलेंगे। मंडल मुख्यालयों पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक से सभी जिलाधिकारी, मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को शुरू कराने के लिए भूमि पूजन व शिलान्यास जनप्रतिनिधियों से कराया जाए। स्पष्ट कहा कि विभागीय कर्मियों अथवा ठेकेदारों द्वारा की जाने वाली गलतियों की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की नहीं है।
'पिक एंड चूज' की प्रवृत्ति से बचें
मुख्यमंत्री ने कहा कि कनेक्टिविटी और मजबूत अवस्थापना किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की जीवनरेखा होती है। सड़क, पुल और संपर्क मार्ग केवल आवागमन के साधन नहीं होते, बल्कि वे व्यापार, रोजगार और सामाजिक विकास को गति देने का माध्यम बनते हैं। अधिकारी प्रस्ताव तैयार करते समय 'पिक एंड चूज' की प्रवृत्ति से बचें।
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जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों से कहा कि वे जिले में संचालित प्रत्येक परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। पिछले वर्ष स्वीकृत परियोजनाओं की समीक्षा कर उनकी प्रगति रिपोर्ट समय पर शासन को भेजी जाए। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में टीमें भेजकर कराए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपात परिस्थितियों प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य संकट की स्थिति में हेलीपैड अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। प्रत्येक ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के निकट हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। इनका रखरखाव पीडब्ल्यूडी करेगा। पीडब्ल्यूडी इनके प्रयोग के लिए निर्धारित शुल्क भी वसूलेगा।
हैलीपैड बनाने पर खर्च होंगे 120 करोड़
प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान के मुताबिक हैलीपैड बनाने के काम पर लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, बजट की व्यवस्था विभाग के पास है।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन एवं बिटुमिन (डामर) की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए पीडब्ल्यूडी को अन्य विकल्पों पर ध्यान देने को कहा। निर्देश दिया कि दो किमी तक के ग्रामीण मार्गों पर आवश्यकतानुसार सीसी रोड का निर्माण कराया जाए।
उन्होंने नगर विकास विभाग की 'सीएम ग्रिड' योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाला है। इसकी गति और तेज करने को कहा। मोहल्लों तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए अब तक 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इस बैठक में केंद्रीय पशुपालन और डेयरी राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना, पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री ब्रजेश सिंह, पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी आदि उपस्थित थे।