'ये आत्महत्या नहीं, सिस्टम द्वारा की गई हत्या', NEET पेपर रद होने से छात्र की मौत पर राहुल गांधी का सरकार पर निशाना
नीट पेपर रद होने के बाद छात्र रितिक मिश्रा की आत्महत्या पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे भ्रष्ट सिस्टम द्वारा की गई हत्या ...और पढ़ें

राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तंज, चाेरों काे मिलता इनाम बच्चे गवां रहे जान

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संवाद सूत्र, जागरण, लखीमपुर। नीट का पेपर कैंसिल होने से मौत को गले लगाने वाले 21 वर्षीय छात्र रितिक मिश्रा का प्रकरण तूल पकड़ने लगा है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी रितिक की मौत पर दुख व्यक्त कर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। प्रदेशध्यक्ष कांग्रेस के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल आज मृतक छात्र के घरवालों से मुलाकात करेगा।
राहुल गांधी ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किया है कि तीसरी बार नीट का पेपर देने वाला यह छात्र परीक्षा रद होते ही टूट गया। इसके अलावा गोवा में भी एक नीट के अभ्यर्थी ने अपनी जान दे दी। उन्होंने लिखा है कि यह बच्चे परीक्षा से नहीं हारे हैं, बल्कि इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है।
यह आत्महत्या नहीं, सिस्टम द्वारा की गई हत्या है। राहुल गांधी ने लिखा है कि 2015 से 2026 तक 148 परीक्षा घोटाले हुए और 87 परीक्षाएं रद हुई। इससे नौ करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इन 148 घोटालों में मात्र एक को सजा हुई है।
सीबीआई ने 17 मामले लिए और ईडी ने 11, लेकिन सज़ा किसी को नहीं हुई। नीट एवं एआईपीएमटी सहित अन्य मेडिकल परीक्षाओं में ही अकेले 15 घोटाले हुए। इन घोटालों में जिम्मेदार किसी अधिकारी या मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं हुआ। कुछ लोगों को हटा दिया जाता है और बाद में चुपके से बड़े पद पर बैठा दिया जाता है।
राहुल गांंधी ने मोदी सरकार पर तंज कसा है कि चोरी कराने वालों को इनाम मिलता है और परीक्षा देने वाले बच्चे जान गंवाते हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया है कि कितने रितिक चाहिए आपकी जवाबदेही जगाने के लिए?।
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उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य चुराने वालों को जवाब देना ही होगा। चाहे जितना वक्त लगे, किसी को बख्शा नहीं जाएगा यह हमारा वादा है। यह लड़ाई हम साथ लड़ेंगे और जीतेंगे भी।
उधर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल का कहना है कि रितिक मिश्रा की मौत से हम बेहद दुखी है। परिवार से मिलने के लिए शनिवार को 20 सदस्यीय दल जाएगा। परिवार से मिलकर आगे की रणनीति तय की जाएगी, जिससे भविष्य में किसी छात्र के साथ इस तरह की पुनरावृत्ति न होने पाए।