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    Lucknow-kanpur Expressway के शुरू होने को लेकर आया बड़ा अपडेट, केवल 40 मिनट में पूरा होगा सफर

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 06:00 AM (IST)

    कानपुर-लखनऊ हाईवे पर चार साल की कठिनाई के बाद, छह लेन वाला एक्सप्रेस-वे लगभग तैयार है। एनएचएआई के अनुसार, यह इसी महीने खुलने की उम्मीद है। ...और पढ़ें

    लखनऊ-कानपुर हाइवे पर बनाया गया एक्सप्रेस-वे

    लखनऊ-कानपुर हाइवे पर बनाया गया एक्सप्रेस-वे

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    जागरण संवाददाता, कानपुर। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर राहगीर पिछले चार साल से कठिनाई वाला सफर करने को विवश हैं। जाम और गड्ढे वाले हाईवे से धक्का-मुक्की और वाहनों के जाम लोग परेशान हैं, अब परेशानी का अंतिम दौर है। बाधाओं को पार करते हुए अब छह लेन वाला एक्सप्रेस-वे बनकर लगभग तैयार हो गया है।

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के पीडी ने इसी महीने लोकार्पण के बाद एक्सप्रेस-वे खुलने की उम्मीद जताई है। इस पर वाहनों की अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है। इस तरह वाहन 35-40 मिनट में ही लखनऊ और कानपुर की दूरी तय कर सकेंगे।

    वर्तमान में हाईवे पर दो-ढाई घंटे का समय लग रहा है। निश्चित समय से आठ महीने देरी से एक्सप्रेस-वे बनने का कारण डबल सर्किट पावर ग्रिड लाइन रही है, जो बंथरा के पास बाधा बनी थी, यह समस्या अब सुलझ गई है।

    63 किमी लंबाई वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण की शुरुआत पांच जनवरी 2022 को हुई थी। चार साल हो गए हैं। अभी तक इस पर सफर चालू नहीं हो पाया है। इसके निर्माण में 4000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह मार्ग दो पैकजों में बना है। पहले में शुक्लागंज से उन्नाव तक के एक्सप्रेस-वे की लंबाई 17.52 किमी है। ये कार्य पूरा हो गया है। दूसरे पैकेज में उन्नाव से लखनऊ तक की लंबाई 45.244 किमी है।

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    इस पैकेज के काम में स्कूटर्स इंडिया जंक्शन और बंथरा के पास 400 केवी डबल सर्किट पावर ग्रिड लाइन की बाधा खड़ी हो गई थी। इस बिजली लाइन के चक्कर में एक्सप्रेस-वे का काम आठ महीने तक फंसा रहा। अब इसे स्थानांतरित कराकर काम पूरा कर लिया गया है। इस तरह पूरे एक्सप्रेस-वे की लंबाई 62.764 किमी (किमी 10.980 से किमी 73.744 तक) है।

    आधुनिक कैमरों से लैस है एक्सप्रेस-वे, बने हैं दो कंट्रोल रूम

    पीडी नकुल प्रसाद वर्मा ने बताया कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से अब लखनऊ और कानपुर के बीच सुगम और सुरक्षित सफर अब लगभग 40 मिनट में तय किया जा सकेगा। सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से इस एक्सप्रेस-वे पर विश्वस्तरीय मानक स्थापित किए गए हैं।

    उन्होंने बताया कि आधारभूत संरचना के रूप में यहां 11 वाहन अंडरपास, 13 लाइट वाहन अंडरपास, 11 पैदल अंडरपास, एक 9.59 किमी लंबा विशाल फ्लाईओवर, 1 रेलवे ओवर ब्रिज और 4 प्रमुख पुलों का निर्माण किया गया है।

    तकनीक के स्तर पर इसे अभेद्य बनाने के लिए 'एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' भी लगाया गया है, जिसमें 63 पीटीजेड कैमरे, 21 इंटरचेंज कैमरे और 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम कैमरे शामिल हैं जिसकी निगरानी के लिए किमी 27 और किमी 35 पर दो कंट्रोल रूम बनाए हैं।

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    ये भी जानें

    • एक्सप्रेस-वे लखनऊ के शहीद पथ के पास से शुरू है, जो आजाद मार्ग पर गंगा घाट क्षेत्र में गांव कडेर पतारी तक है।
    • कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर मरम्मत की जिम्मेदारी 15 साल तक कांट्रेक्टर की रहेगी। फिर एनएचएआई दूसरे कांट्रेक्टर को ठेका देगा।
    • एक्सप्रेस-वे पर क्लोज टोलिंग रहेगी। चढ़ने और उतरने के दौरान टोल कटेगा।
    • एक्सप्रेस वे के लिए हाइवे पर उन्नाव से शुक्लागंज तक पुल बनाया है, जो एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे है। इसकी दूरी 17.52 किमी है। जबकि, दूसरा पैकेज ग्रीन फील्ड उन्नाव से लखनऊ (एक्सप्रेस-वे) 45.244 किमी है। यह खेतों से होकर बनाया गया है।
    • यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ (शहीद पथ/अमाउसी) से शुरू होकर बनी, कांथा, अमरसास होते हुए उन्नाव में शुक्लागंज/आजाद मार्ग तक है।

     

    यह एक्सप्रेस-वे वर्ष 2023 से बन रहा है, इसे 2025 तक बन जाना था। फिर कांट्रेक्टर को और समय दिया गया था। हाई-टेंशन लाइन की शिफ्टिंग में देरी के कारण लखनऊ की तरफ वाले एक्सप्रेस-वे के कार्य में विलंब हुआ। हालांकि, उन्नाव की तरफ का कार्य जुलाई 2025 में ही पूरा हो गया था। अब एक्सप्रेस-वे का कार्य पूर्ण हो चुका है। आम जनता के लिए इसी अप्रैल महीने में खुलने की उम्मीद है। ये अत्याधुनिक मार्ग क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।

                                                                           नकुल प्रसाद वर्मा, पीडी-एनएचएआई लखनऊ