कानपुर के करोड़पति विनीत मिनोचा हत्याकांड: बहू, बेटा, नौकर और 15 चाकू के वार... होश उड़ाने वाली साजिश की 5 बड़ी बातें
कानपुर के करोड़पति कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहू, बेटे और नौकर की चौंकाने वाली साजिश सामने आई है। पुलिस ...और पढ़ें

विनीत मिनोचा की फाइल फोटो, बेटा सुब्रत, बहू शालू, नौकर विशाल और राज किशोर।
HighLights
बहू शालू ने ससुर विनीत मिनोचा पर पाबंदियों का आरोप लगाया
बेटे सुब्रत और नौकर विशाल के बीच 39 बार बात हुई
विनीत मिनोचा की हत्या 15 चाकू के वार से की गई
अतुल मिश्र, कानपुर। कानपुर के चर्चित करोड़पति कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड के चौंकाने वाले खुलासे होते जा रहे हैं। हत्या की साजिश, परिवार के सदस्यों की भूमिका, नौकर की एंट्री और कारोबारी पर लगाई गई पाबंदियों से जुड़े कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस को भी हैरान कर दिया। गले और सीने पर बाईं ओर चाकू से 15 हमले हत्याकांड की बर्बरता को बयां कर रहे। आखिर विनीत मिनोचा की हत्या के पीछे पूरा खेल क्या था? इस केस में सामने आईं ये पांच बड़ी बातें पूरी कहानी को समझने के लिए बेहद अहम हैं। हालांकि इन सवालों के जवाब में पुलिस भी उलझ गई है। पढ़ें ये रिपोर्ट...

1- सिर्फ ससुर की पाबंदियों की वजह से सुपारी दी थी?
आरोपित बहू ने बताया कि करोड़पति ससुर, इतना बड़ा कारोबार, फिर भी अपने ही इकलौते बेटे को 35 हजार का कर्मचारी बना रखा था, जो एक-एक रुपये का हिसाब उन्हें देते थे। वहीं, साजिशकर्ता शालू पूछताछ के दौरान हर बार यही कहती रही कि पापा बहुत अच्छे थे। इस पर हत्या का कारण पूछने पर बोली कि ससुर की पाबंदियों से वह बहुत परेशान हो चुकी थी। पूछताछ में शालू ने बताया कि पति सुब्रत परिवार के इकलौते बेटे हैं, लेकिन ससुर उन्हें बात-बात पर डांटते थे। अपनी पसंद के कपड़े तक नहीं पहन पाती थी। पूरे घर में सीसी कैमरे लगवा रखे थे।
2- बहू शालू के लिए लगवाए सीसी कैमरे?
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या बहू शालू मिनोचा ने सुपारी देकर कराई थी। शालू ने पुलिस को गवाही दी है कि ससुर स्वतंत्रता पर पहरा लगाए थे। यहां तक कि बहाने से घर में सीसी कैमरे लगवा दिए थे। पुलिस ने सवाल किया कि बहाना क्या था। उत्तर मिला, ससुर की मां नवाबगंज निवासी अपने बड़े बेटे के पास रहती थीं। कुछ समय पहले वह रतन आर्बिट रहने आई थीं। ससुर ने घर में अकेले रहने के दौरान मां की सुरक्षा का हवाला देकर सीसी कैमरे लगवा दिए थे। पर यह कहानी कुछ देर बाद झूठी भी साबित हो गई। विनीत की मां मई में आई थीं और एक जुलाई को चली गईं। दो जुलाई को सीसी कैमरे लगवाए गए।

3- सुब्रत से लगातार संपर्क में क्यो था नौकर विशाल?
हत्यारोपित विशाल से साजिशकर्ता बहू शालू व उसके पति सुब्रत से रोजाना बात हो रही थी। विशाल इनके यहां काम पर नहीं था, फिर बात क्यों रही थी। इससे हत्या की साजिश में बहू के साथ बेटे के भी शामिल होने की संभावना है। पुलिस को तीनों के मोबाइल रिकार्ड में इसके सबूत मिले हैं। 29 अगस्त से हत्या वाली रात तक विशाल और सुब्रत में 25 बार बात हुई, जबकि विशाल और शालू के बीच 14 बार बात की जानकारी मिली है। यानी दंपती ने आठ दिनों में विशाल से 39 बार बात की। औसत पांच कालें रोजाना। यही नहीं, हत्या के दौरान भी शालू और विशाल ने तीन बार वाट्सएप कालिंग के जरिये बात की।

4- बेटे सुब्रत ने पहचानने से क्यों इन्कार किया नौकर को?
पिता की हत्या और उसमें भी पत्नी की मिलीभगत के बावजूद सुब्रत ने पुलिस के सामने मुंह नहीं खोला। यहां तक कि जब पुलिस ने पहली बार सीसी कैमरे का वीडियो उसे दिखाया तो उसने विशाल को भी पहचानने से मना कर दिया था। सुब्रत ने विशाल की दो बार दूसरी जगह नौकरी तक लगवाई थी, पर विशाल उनके घर ही काम करना चाहता था। पति ही दो साल से उसे पूरा खर्च देते थे। वहीं, हत्यारोपित विशाल ने बताया कि 15 दिन पहले शालू और उसके पति सुब्रत कार से परेड के पास उसे खरीदारी कराने ले गए थे। वहां से गुमटी गए, जहां घर के दरवाजे के लाक की डुप्लीकेट चाबी शालू ने ही बनवाकर उसे दी थी।
5- आखिर बेटे के कमरे में क्यो गए थे विनीत?
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या नहीं बल्कि उनके बहू ने हार्ट अटैक से मौत दर्शाने की योजना बनाई थी। शालू ने 20 दिन पहले ही ये साजिश रच ली थी। शालू ने कहा था कि उन्हें ऐसे मारना है कि लोग इसे एक हादसा या हार्ट अटैक माने। इस पर योजना बनी कि सोते समय विनीत के मुंह और नाक के ऊपर तकिया रखकर दबा देना, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो जाएगी और किसी तरह के फिंगर प्रिंट भी नहीं आएंगे। शालू अपने पति सुब्रत और बेटे के साथ पार्टी पर चले गए। हरबंश मोहाल के मथुरी मोहाल निवासी विशाल गौतम और राजकिशोर को बता दिया था कि दोनों फ्लैट में आ जाएं और सीधे उनके बेडरूम में जाएं। ससुर विनीत उनके बेडरूम में नहीं जाते हैं। वह दरवाजे से अंदर जाते ही बाईं तरफ कमरे में सोते हैं। उनके सोने के बाद उन्हें जान से मार देना। विशाल और उसका साथी राजकिशोर चाबी से फ्लैट खोलकर अंदर सुब्रत के बेडरूम में जाकर छिप गए थे। उस रात विनीत घर आए तो वह अपने कमरे की बजाय सुब्रत के कमरे में आ गए। उन्होंने लाइट आन की तो उन दोनों को सामने देख लिया। पहचान होने व बचने का कोई रास्ता न मिलने पर योजना भूलकर उनकी चाकू से गोदकर हत्या करनी पड़ी।
