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चकेरी एयरपोर्ट के पास मिट्टी में मानक से 59 गुना अधिक क्रोमियम, IIT कानपुर की रिपोर्ट में खुलासा

Published: Thu, 08 Oct 2026 12:29 PM (GMT+05:30)

कानपुर की मिट्टी में रासायनिक जहर घुला हुआ है, जहां चकेरी एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल के पास मानक से 59 गुना अधिक क्रोमियम पाया गया है।

कानपुर एयरपोर्ट। (तस्वीर- फाइल)

कानपुर एयरपोर्ट। (तस्वीर- फाइल)

HighLights

  1. चकेरी एयरपोर्ट के पास मिट्टी में मानक से 59 गुना अधिक क्रोमियम।

  2. आईआईटी कानपुर की सर्वे रिपोर्ट एनजीटी में प्रस्तुत की गई।

  3. कानपुर के आठ हॉट स्पॉट में सर्वे कार्य पूरा हुआ।

जागरण संवाददाता, कानपुर।कानपुर की मिट्टी और पानी में रासायनिक जहर घुला हुआ है। चकेरी एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल के पास मिट्टी में मानक से 59 गुना अधिक क्रोमियम पाया गया। यह मामला एनजीटी में पेश की गई आइआइटी कानपुर की सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है।

कानपुर नगर, कानपुर देहात और फतेहपुर में क्रोमियम-मर्करी से प्रदूषित इलाकों में मिट्टी, पानी, हवा और अन्न की जांच के निर्देश दिए गए थे। सर्वे आइआइटी कानपुर कर रहा है। पांच अक्तूबर को उप्र सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल भंवर पाल सिंह जादौन ने एनजीटी में क्रोमियम-मर्करी को लेकर रिपोर्ट पेश की थी।

रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है कि कानपुर नगर के आठ हाट स्पाट में जाजमऊ औद्योगिक क्षेत्र से सर्वे कार्य पूरा हो गया है। दूसरी ओर रूमा में आंशिक सर्वे हुआ है। 16 जुलाई, 10 और 13 अगस्त को कुल 121 सैंपल लिए गए थे।

खानचंद्रपुर में पशुओं के अंगों में नहीं मिला क्रोमियम, सभी नमूने निगेटिव

रनियां क्षेत्र के प्रदूषण प्रभावित खानचंद्रपुर और आसपास के गांवों में पालतू पशुओं के शरीर में हेवी मेटल क्रोमियम की मौजूदगी नहीं मिली है। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआइ), इज्जतनगर, बरेली में कराई गई जांच में पशुओं के सभी नमूने निगेटिव पाए गए हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजकर आगे की कार्रवाई के लिए अवगत कराया है।

खानचंद्रपुर के साथ शिवनाथपुरवा, घरहमपुर और उमरन क्षेत्र में प्रदूषण के प्रभाव को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में मामला विचाराधीन है। अधिकरण के 21 जुलाई, 2026 के आदेश के क्रम में शासन ने प्रभावित क्षेत्र से संबंधित पूर्ण, अद्यतन और प्रमाणिक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।

सीएमओ के अनुसार, तीन अप्रैल को रनियां परिक्षेत्र के प्रभावित गांवों में पालतू पशुओं में हेवी मेटल क्रोमियम की जांच के लिए लिवर, लंग, स्प्लीन और किडनी टिश्यू के नमूने आइवीआरआइ भेजे गए थे।

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