CSJMU Kanpur-सेना समझौते से अग्निवीरों को नई राह, नौकरी के साथ मिलेगी रोबोटिक्स और AI की डिग्री
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) और सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर के बीच एक समझौता हुआ है। यह अग्निवीरों और सैनिकों को ...और पढ़ें

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HighLights
डी-कोड और सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर के बीच एमओयू
रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और ड्रोन तकनीक का मिलेगा प्रशिक्षण
करीब 600 अग्निवीरों, सैनिकों और उनके परिजनों ने कराया पंजीकरण
जागरण संवाददाता, कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने अग्निवीरों और सेना के जवानों को शिक्षा एवं कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय के द्रोणाचार्य आनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा केंद्र (डी-कोड) और सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर, फतेहगढ़ फर्रुखाबाद के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के तहत सैनिकों और अग्निवीरों को सेवा के दौरान ही उच्च शिक्षा, डिजिटल स्किल, प्रोफेशनल कोर्स और रोजगारपरक प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी, जिससे सेना से जुड़ी सेवा के बाद भी उनके करियर के अवसर मजबूत होंगे। विश्वविद्यालय की डी-कोड योजना के तहत हुए इस करार को सैन्य शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करते कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक व ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन। सीएसजेएमयू
समझौते के तहत सैनिकों, अग्निवीरों और उनके आश्रितों को यूजीसी-डीईबी से मान्यता प्राप्त स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में अध्ययन का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से कंप्यूटर एप्लीकेशन, प्रबंधन और कला संकाय से जुड़े पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर सैन्यकर्मी सेवा के साथ उच्च शिक्षा भी प्राप्त कर सकेंगे। इस साझेदारी की सबसे खास बात आधुनिक और उभरती तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण है।
इसके तहत रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ), साइबर सुरक्षा, ड्रोन और मानव रहित विमान प्रणाली से संबंधित प्रशिक्षण माड्यूल संचालित किए जाएंगे। इससे सैनिकों और अग्निवीरों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
सिख लाइट इन्फैंट्री रेजीमेंट ट्रेनिंग सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन ने कहा कि यह पहल सैनिकों और उनके परिवारों के बौद्धिक तथा व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल और प्रबंधन संबंधी कौशल सैनिकों को भविष्य के लिए अधिक सक्षम बनाएंगे।
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सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय और सेना के बीच हुआ यह समझौता केवल शैक्षणिक सहयोग नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अग्निवीर योजना के तहत युवाओं को सेना में सेवा का अवसर मिल रहा है, ऐसे में उन्हें आधुनिक शिक्षा और तकनीकी दक्षता से जोड़ना बेहद आवश्यक है। यह पहल सैनिकों के व्यक्तित्व विकास और भविष्य निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएगी।
अभी तक करीब 600 अग्निवीरों, सैनिकों और उनके परिजनों ने इसके तहत पंजीकरण कराया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने फतेहगढ़ स्थित प्रशिक्षण केंद्र में जल्द अध्ययन केंद्र शुरू करने की घोषणा भी की है। जुलाई में अगले चरण के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। कार्यक्रम में कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट, प्रति-कुलपति, अधिष्ठाता डी-कोड और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक मौजूद रहे।