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    झांसी में 74 शिकायतों से खुला साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क, 23 पर मुकदमा दर्ज

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 12:09 AM (GMT+05:30)

    झांसी में 74 साइबर ठगी की शिकायतों से बंगरा ब्लॉक के तीन गांवों में एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है औ ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. झांसी में 74 साइबर ठगी शिकायतों से बड़ा नेटवर्क उजागर।

    2. बंगरा ब्लॉक के तीन गांवों से संचालित होता था गिरोह।

    3. 23 पर मुकदमा, 7 वांछित; आलीशान जीवनशैली का खुलासा।

    जागरण संवाददाता, झांसी। अलग-अलग थानों में दर्ज 74 साइबर ठगी की शिकायतों ने जिले के बंगरा ब्लाक के तीन गांवों में चल रहे बड़े नेटवर्क का राज खोल दिया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि शिकायतों में दर्ज साइबर फ्राड एक ही क्षेत्र के मोबाइल टावर से जुड़े थे।

    इसके बाद डिजिटल और जमीनी स्तर पर पड़ताल की गई तो 40 युवक पुलिस के रडार पर आए। इनमें से 23 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है, जबकि सात को वांछित किया गया है।

    पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य ओडिशा, कर्नाटक, पंजाब, बिहार समेत कई राज्यों के लोगों को ठगी का निशाना बना चुके हैं। दूसरे राज्यों के लोगों के खातों से रकम ठगने के बाद उसे म्यूल बैंक खातों में मंगाया जाता था।

    रकम खाते में पहुंचते ही आरोपित एटीएम से निकासी कर लेते थे। इसके लिए वे मऊरानीपुर के अलावा मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ और छतरपुर में एटीएम का प्रयोग करते रहते थे। खाते में रकम आने की जानकारी मिलते ही तत्काल निकासी कर ली जाती थी।

    जांच में यह भी सामने आया कि कम समय में अधिक पैसा कमाने की चाहत में कई युवा इस नेटवर्क से जुड़े। ठगी की रकम से महंगे मोबाइल फोन, कपड़े, घूमने-फिरने और अन्य शौक पूरे किए जाते थे। कुछ आरोपितों ने गांव में आलीशान मकान भी बनवा लिए हैं। कई मकानों में एसी भी लगे हैं।

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    साइबर फ्राड की शिकायतें लगातार मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों, मोबाइल फोन नंबरों और लेन-देन की पड़ताल शुरू की थी। जांच की कड़ियां कटेरा क्षेत्र के एक गांव तक पहुंचीं। इसके बाद युवाओं की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई। मोबाइल और बैंकिंग लेन-देन की जांच में भूमिका सामने आने पर कार्रवाई तेज की गई।

    मामले में सात आरोपित वांछित हैं। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सभी ने मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है।

    पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम अरीबा नोमान ने बताया कि फरार आरोपितों की तलाश में टीमें लगी हैं। गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के तरीकों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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