'पापा मेरी ताकत हैं'... राजमिस्त्री की बेटी निहारिका ने पहले ही प्रयास में पास की UPPCS, खुशी से निकले आंसू
राजमिस्त्री संतोष कुमार जाटव की बेटी निहारिका ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीपीसीएस परीक्षा पास कर ली है। उन्हें खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के पद पर स् ...और पढ़ें
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निहारिका। स्वजन
HighLights
निहारिका ने पहले प्रयास में यूपीपीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की।
राजमिस्त्री की बेटी निहारिका बनीं खंड विकास अधिकारी।
पिता के संघर्ष और समर्थन से मिली यह सफलता।
संवाद सहयोगी, कोंच (जालौन)। उरई की निहारिका की कहानी आज युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई है। राजमिस्त्री की बेटी ने आर्थिक तंगी और परिवार की जिम्मेदारी को उठाते हुए न सिर्फ अपने बल्कि पिता के सपने को पूरा किया। कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यूपीपीसीएस परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर खंड विकास अधिकारी (BDO) बनकर मिसाल पेश की है। निहारिका कहतीं हैं कि पिता मेरी ताकत हैं।
नदीगांव कस्बा के मुहल्ला बाजार की बेटी ने कमाल कर दिया। यहां के रहने वाले राजमिस्त्री की चार बेटियों व एक बेटे में बड़ी बिटिया निहारिका ने जैसे ही यूपीपीसीएस की परीक्षा पास की तो पिता ही नहीं पूरे मुहल्ले में उत्साह का माहौल बन गया। निहारिका का चयन खंड विकास अधिकारी के पद पर हुआ है। इस समय परिवार के साथ वह दिल्ली में है। उनके पिता पूर्व सभासद भी रह चुके हैं।
राजमिस्त्री का काम करते हुए पांचों बच्चों की शिक्षा और पोषण में कोई कमी नहीं रखी। निहारिका कहतीं हैं कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है। मुसीबत सहते हुए भी कभी किसी चीज की कमी का अहसास नहीं होने दिया। निहारिका मोबाइल व टीवी पर एक घंटे से अधिक समय नहीं देतीं।
मजदूरी था आय का एकमात्र स्त्रोत
नदीगांव के मुहल्ला बाजार मुहाल वार्ड नंबर पांच के पूर्व सभासद पेशे से राजमिस्त्री संतोष कुमार जाटव की पुत्री निहारिका जाटव अब बीडीओ बनकर गांव का विकास कराएगी। निहारिका ने बताया कि 2024 की यूपीपीसीएस परीक्षा में बीडीओ रैंक पर 51वां स्थान आया है। उनके पिता राजमिस्त्री का कार्य करते हैं और मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों को पढ़ा लिखा रहे हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर हैं। मजदूरी ही आय का एक मात्र स्रोत है।
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निहारिका पांच भाई बहनों में सबसे बड़ी
कई बार परेशानियां आई लेकिन कभी बच्चों की पढ़ाई बंद नहीं होने दी। खुद कपड़े नहीं सिलवाए लेकिन बच्चियों को खाने और पहनने का ध्यान रखा। संतोष के पांच बच्चे हैं जिनमें एक लड़का चार लड़कियां हैं। निहारिका सबसे बड़ी है निहारिका से छोटी प्रिया बीटीसी कर रही है। उससे छोटी माही कोंच के मथुरा प्रसाद महाविद्यालय में बीए की छात्रा है। तीसरे नंबर की प्राची नदीगांव के जिला परिषद इंटर कालेज में कक्षा नौ की छात्रा है। पांचवें नंबर पर पुत्र आयुराज नदीगांव में कक्षा चार में पढ़ रहा है।
निहारिका की प्रारंभिक शिक्षा नदीगांव के मांटेश्वरी स्कूल में कक्षा 5 तक हुई उसके बाद उसका चयन नवोदय विद्यालय में हो गया। जहां पर वह कक्षा 6 से कक्षा 12 तक पढ़ाई की। स्नातक शिक्षा के लिए उसने दिल्ली के गार्गी कालेज में प्रवेश लिया। यहां से बीए किया। लाकडाउन के समय लोकसेवा आयोग की तैयारी आनलाइन शुरू की लेकिन उसका चयन उसमें नहीं हो पाया। 2024 में उसने यूपीपीसीएस की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफलता मिल गई।