Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बसपा की नई सोशल इंजीनियरिंग: आकाश आनंद ने सर्व समाज को साधने का दिया संदेश

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 11:56 AM (GMT+05:30)

    बसपा के आकाश आनंद ने हाथरस में पार्टी की 'सर्व समाज' रणनीति को दोहराया, जिसमें दलित, पिछड़े, मुस्लिम और सवर्णों को एकजुट करने का संदेश है। ...और पढ़ें

    आकाश आनंद।

    आकाश आनंद।

    HighLights

    1. आकाश आनंद ने बसपा की 'सर्व समाज' रणनीति दोहराई

    2. दलित, पिछड़े, मुस्लिम और सवर्णों को जोड़ने पर जोर

    3. सादाबाद से डॉ. अविन शर्मा को प्रत्याशी बनाकर सवर्णों को साधा

    अभिषेक तायल, हाथरस। बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में आकाश आनंद ने एक बार फिर पार्टी की उस राजनीतिक रणनीति को सामने रखा, जिसके केंद्र में दलित, पिछड़े, मुस्लिम और सवर्ण समाज को साथ लेकर सत्ता की राह तैयार करने का संदेश है। उन्होंने कहा कि बसपा किसी एक वर्ग की पार्टी नहीं, बल्कि सर्व समाज के हितों के लिए काम करने वाला राजनीतिक संगठन है। उनके भाषण में ब्राह्मण समाज से लेकर किसान, युवा और अन्य वर्गों को जोड़ने की कोशिश साफ नजर आई।

    बसपा की राजनीति में सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं। पार्टी के संस्थापक कांशीराम ने बहुजन समाज को राजनीतिक ताकत देने की रणनीति तैयार की थी। बाद में मायावती के नेतृत्व में बसपा ने ''सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय'' के नारे के साथ सामाजिक आधार का विस्तार किया। 2007 के विधानसभा चुनाव में यह प्रयोग खास तौर पर सफल रहा और बसपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई।

    सादाबाद में अविन शर्मा के सहारे सवर्ण वोट बैंक को साधने की कोशिश

    आकाश आनंद ने डॉ. अविन शर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा करते हुए सवर्ण समाज की भागीदारी का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में हर समाज के लोग सिपाही की तरह खड़े हैं। उन्होंने ब्राह्मण समाज से जुड़े बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा, क्षत्रिय समाज के बलिया विधायक स्व. उमाशंकर सिंह और मुस्लिम समाज से पूर्व सांसद बाबू मुनकाद अली जैसे पुराने चेहरों का मंच से जिक्र किया।

    यह भी पढ़ें- शासन की बड़ी कार्रवाई: हाथरस नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी के अधिकार सीज, कूड़ा टेंडर में मिली अनियमितताएं

    अविन शर्मा के बहाने सवर्ण वोट पर नजर

    सादाबाद से डॉ. अविन शर्मा को मैदान में उतारना भी बसपा की इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आकाश आनंद ने सम्मेलन में उनके पिछले चुनाव में भी प्रत्याशी रहने और इस बार फिर मजबूती से मैदान में उतरने का उल्लेख किया। कार्यकर्ताओं से अविन शर्मा का हाथ मजबूत करने और उन्हें लखनऊ भेजने की अपील की, जिससे बसपा नेतृत्व का संदेश साफ है कि दलित आधार को मजबूत रखते हुए सवर्ण, पिछड़े, मुस्लिम और अन्य सामाजिक समूहों को साथ जोड़कर विधानसभा चुनाव में मजबूत मुकाबला तैयार किया जाए। सादाबाद सम्मेलन में मंच से दिया गया संदेश इसी व्यापक सामाजिक समीकरण की ओर संकेत करता नजर आया।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- आकाश आनंद ने अखिलेश को बताया अंकल, सपा-कांग्रेस और भाजपा पर जमकर बरसे बसपा नेता