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हापुड़ बदनौली गोलीकांड: मायावती और चंद्रशेखर ने उठाई उच्चस्तरीय जांच की मांग, दलित युवक की मौत से भारी आक्रोश

By keshav TyagiEdited By: Kapil Kumar
Published: Sun, 06 Sep 2026 04:17 PM (IST)

हापुड़ के बदनौली गांव में पुरानी रंजिश में घायल दलित युवक दीपक की मौत के बाद सियासत गरमा गई है। ...और पढ़ें

मायावती और चंद्रशेखर ने उठाई आवाज।

मायावती और चंद्रशेखर ने उठाई आवाज।

HighLights

  1. हापुड़ में दलित युवक दीपक की मौत से आक्रोश।

  2. मायावती, चंद्रशेखर ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

  3. पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जांच जारी।

केशव त्यागी, हापुड़। हापुड़ में थाना हापुड़ नगर क्षेत्र के बदनौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद और फायरिंग में घायल दलित युवक दीपक की मौत के बाद सियासत गरमा गई है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दीपक की मौत होने के बाद दलित समाज में आक्रोश है।

परिवार को सहायता देने की मांग

वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती और नगीना सांसद एवं आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने घटना पर दुख जताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। दोनों नेताओं ने हत्यारोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ पीड़ित परिवार को सहायता देने की मांग उठाई है।

बताया गया कि 4 सितंबर को बदनौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि दलित पक्ष के घरों में घुसकर पथराव और फायरिंग की गई। घटना में एक महिला समेत तीन लोग घायल हुए थे।

बताया गया कि गंभीर रूप से घायल दीपक को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। 5 सितंबर की रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दीपक की मौत की सूचना मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।

मायावती ने जताया दुख

बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर दीपक की मौत को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि हापुड़ नगर क्षेत्र में दो समुदायों के बीच आपसी रंजिश और झड़प में घायल दलित समाज के लोगों में से एक की मौत हुई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से हत्यारोपितों को कानूनी सजा दिलाने के साथ पीड़ित परिवार की सहायता करने की मांग की। मायावती ने आपसी रंजिश को खूनी संघर्ष में बदलने को निंदनीय और चिंताजनक बताया।

चंद्रशेखर ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने घटना को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि विवाद और मुकदमे पहले से चल रहे थे, इसके बावजूद हिंसा रोकने के लिए समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही का खामियाजा एक परिवार को अपना बेटा खोकर भुगतना पड़ा। चंद्रशेखर ने प्रदेश सरकार से घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, घटना से पहले की परिस्थितियों और पुलिस की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

उन्होंने दलित पक्ष पर हमला करने वाले सभी हत्यारोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा, न्याय एवं उचित आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।

पीड़ित परिवार से मिले पार्टी पदाधिकारी

चंद्रशेखर ने बताया कि भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी की जिला टीम और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं हापुड़ विधानसभा प्रभारी वीरेंद्र कुमार सिरिश ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से स्वयं भी परिवार से बात कर संवेदना व्यक्त की।

इधर, पुलिस मामले में अब तक छह हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है।

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